अमेरिकी दिग्गज फार्मेसी कंपनी Walgreens ने चेन्नई में अपना पहला ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) खोलने का ऐलान किया है। इस प्रोजेक्ट के जरिए शुरुआत में **250** से ज्यादा नई नौकरियां पैदा होंगी, जिससे कंपनी अपनी ग्लोबल ऑपरेशंस और टेक्नोलॉजी को और मजबूत करेगी।
क्या है Walgreens की रणनीति?
Walgreens India Private Ltd ने तमिलनाडु सरकार के साथ एक एमओयू (MoU) साइन किया है। इस नए सेंटर को चेन्नई के DLF Downtown Taramani कॉम्प्लेक्स में स्थापित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य कंपनी की टेक्नोलॉजी और ग्लोबल वर्कफ्लो को एक जगह सेंट्रलाइज करना है।
क्यों खास है चेन्नई का चुनाव?
चेन्नई में GCC का खुलना कंपनी के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्लान का हिस्सा है। Walgreens Boots Alliance अपनी सप्लाई चेन और ऑपरेशंस को बेहतर बनाने के लिए भारत के टैलेंट पूल का इस्तेमाल करना चाहती है।
इस प्रोजेक्ट के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay और उद्योग मंत्री S. Keerthana की उपस्थिति में हस्ताक्षर हुए। राज्य सरकार का मानना है कि इससे न केवल निवेश आएगा बल्कि युवाओं के लिए 250 से ज्यादा हाई-वैल्यू तकनीकी नौकरियां भी पैदा होंगी।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
इन्वेस्टर्स के नजरिए से यह कदम कंपनी के लिए 'मार्जिन प्रोटेक्शन' का जरिया बन सकता है। ग्लोबल रिटेल मार्केट में बढ़ती चुनौतियों के बीच, बैकएंड ऑपरेशंस को भारत जैसे देशों में शिफ्ट करने से कंपनियों को लंबे समय में ऑपरेशनल एफिशिएंसी (efficiency) मिलती है। अब देखना यह होगा कि कंपनी कितनी तेजी से अपनी हायरिंग पूरी करती है और इस सेंटर को ग्लोबल सिस्टम्स के साथ कितनी कुशलता से जोड़ती है।
