क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Vultr ने चेन्नई में अपना **20 MW** का AI सुपरक्लस्टर लॉन्च किया है, जिसमें **10,000** से ज्यादा AMD GPU लगाए गए हैं। कंपनी का लक्ष्य **2029** तक इसे **1 GW** तक ले जाना है। ध्यान रहे, Vultr एक प्राइवेट कंपनी है और यह शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है।
चेन्नई में बड़ी एंट्री
अमेरिका के बाहर यह Vultr का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इस नई फैसिलिटी में 10,000 से ज्यादा AMD Instinct MI355X GPU का उपयोग किया गया है, जो भारतीय स्टार्टअप्स और कंपनियों को हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और AI ट्रेनिंग की सुविधा देंगे।
भारतीय निवेशकों के लिए जरूरी बात
अगर आप भारतीय शेयर बाजार में इस कंपनी के शेयर तलाश रहे हैं, तो जान लें कि Vultr एक प्राइवेट कंपनी है। यह NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है। साल 2024 के अंत तक की फंडिंग राउंड के अनुसार, कंपनी की वैल्यूएशन करीब $3.5 बिलियन है। इसका विस्तार पूरी तरह से इक्विटी और डेट फाइनेंसिंग पर निर्भर है।
GPU-as-a-Service की होड़
कंपनी भारत में GPU-as-a-Service मार्केट में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, इस बिजनेस मॉडल में भारी कैपिटल की जरूरत होती है। डेटा सेंटर बनाने के लिए चिप्स और बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार मोटा खर्च करना पड़ता है। अगर डेटा सेंटर का यूटिलाइजेशन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, तो कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ पर असर पड़ सकता है।
कड़ी टक्कर और चुनौतियां
Vultr के सामने AWS, Google Cloud और Microsoft Azure जैसे बड़े दिग्गज खिलाड़ी हैं, जिनके पास ग्लोबल नेटवर्क और बहुत ज्यादा पैसा है। इसके अलावा, कंपनी पूरी तरह से AMD जैसे थर्ड-पार्टी हार्डवेयर सप्लायर्स पर निर्भर है। चिप सप्लाई में किसी भी तरह की रुकावट या हार्डवेयर की कीमतों में बदलाव सीधे तौर पर कंपनी के विस्तार को प्रभावित कर सकता है।
