US बेस्ड सेमीकंडक्टर स्टार्टअप Volantis ने AI हार्डवेयर के लिए लेजर-बेस्ड तकनीक विकसित करने हेतु **$88 मिलियन** की फंडिंग जुटाई है। यह कंपनी मेमोरी चिप्स और प्रोसेसर के बीच डेटा ट्रांसफर की रफ्तार बढ़ाने पर काम कर रही है।
सैन फ्रांसिस्को स्थित सेमीकंडक्टर स्टार्टअप Volantis ने AI हार्डवेयर को बेहतर बनाने के लिए $88 मिलियन की नई फंडिंग हासिल की है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) और मेमोरी चिप्स के बीच डेटा ट्रांसफर की सीमा को खत्म करना है। वर्तमान में, फिजिकल वायरिंग के कारण डेटा फ्लो पर एक लगाम लगी रहती है, जो जटिल AI मॉडल्स के ट्रेनिंग प्रोसेस को धीमा कर देती है।\n\nस्टार्टअप ने इसके समाधान के लिए VCSELs (vertical-cavity surface-emitting lasers) के इस्तेमाल का प्रस्ताव दिया है। पारंपरिक कॉपर वायरिंग के बजाय, कंपनी लाइट (प्रकाश) के जरिए डेटा बीम करने की योजना बना रही है। यह तकनीक अगर सफल होती है, तो एक ही GPU से कहीं अधिक संख्या में मेमोरी चिप्स को कनेक्ट करना मुमकिन होगा। यह तकनीक स्मार्टफोन सेंसर्स में पहले से ही इस्तेमाल की जा रही है, जिससे मौजूदा सप्लाई चेन का उपयोग करना आसान हो जाएगा।\n\nसेमीकंडक्टर सेक्टर पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए यह एक बड़ी हलचल है। फिलहाल, इस मार्केट पर Nvidia और Advanced Micro Devices (AMD) जैसे दिग्गजों का कब्जा है, जो फिजिकल लिमिट्स से जूझ रहे हैं। हालांकि Volantis अभी एक प्राइवेट कंपनी है और पब्लिक स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसकी तकनीक का भविष्य में इन लीडर्स पर बड़ा असर पड़ सकता है।\n\nकंपनी अभी प्रोटोटाइप स्टेज में है और अगले 1 साल के भीतर प्रोडक्शन शुरू करने का लक्ष्य रखा है। हार्डवेयर सेक्टर में स्केलिंग का जोखिम काफी ज्यादा होता है, और Volantis को बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए अपनी तकनीक की विश्वसनीयता और लागत-प्रभावशीलता साबित करनी होगी।
