Global Fintech Festival 2026 में Visa और ONDC ने हाथ मिलाया है। इस पार्टनरशिप का मकसद AI-आधारित ट्रैवल प्लान तैयार करना और बिखरे हुए भारतीय टूरिज्म सेक्टर को एक मंच पर लाना है।
टूरिज्म सेक्टर में डिजिटल क्रांति
Global Fintech Festival 2026 में हुए इस समझौते का मुख्य लक्ष्य भारत के टूरिज्म मार्केट की जटिलताओं को कम करना है। Visa अपनी डिजिटल पेमेंट और टेक्नोलॉजी पावर का इस्तेमाल करेगा, जबकि ONDC अपने ओपन नेटवर्क के जरिए छोटे और मध्यम पर्यटन व्यवसायों को सीधे पर्यटकों से जोड़ेगा। इससे बड़े ट्रैवल एग्रीगेटर्स पर निर्भरता कम होगी और छोटे कारोबारियों को अपनी पहचान बनाने का मौका मिलेगा।
सरकार का मिला साथ
ONDC, जो पहले ही रिटेल और लॉजिस्टिक्स में अपनी छाप छोड़ चुका है, अब टूरिज्म के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इस नए वर्टिकल को 'Ministry of Tourism and Culture' का भी समर्थन हासिल है। इस पहल का उद्देश्य केवल बड़े टूरिस्ट हब ही नहीं, बल्कि भारत के अनछुए और छोटे डेस्टिनेशन्स को भी डिजिटल मैप पर लाना है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
निवेशकों को यह समझना होगा कि ONDC एक सरकारी समर्थित नॉन-प्रॉफिट संस्था है, इसलिए इसमें सीधे निवेश का कोई जरिया नहीं है। वहीं, NYSE में लिस्टेड Visa के लिए यह एक पायलट प्रोजेक्ट है। चूंकि यह अभी शुरुआती चरण में है, इसलिए Visa के फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर इसका तुरंत कोई बड़ा असर दिखने की उम्मीद नहीं है।
भविष्य की राह और चुनौतियां
हालांकि यह पहल शानदार है, लेकिन इसके सामने बड़ी चुनौतियां भी हैं। भारत का टूरिज्म सेक्टर काफी बिखरा हुआ है और डिजिटल अडॉप्शन हर जगह एक जैसा नहीं है। इस प्रोजेक्ट की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कितने पर्यटकों को अपनी ओर खींच पाते हैं और कितनी आसानी से स्थानीय टूरिज्म प्रोवाइडर्स को अपने सिस्टम में जोड़ पाते हैं। अभी के लिए, इस पायलट प्रोजेक्ट का अडॉप्शन रेट और AI की सटीकता ही सबसे बड़े 'मॉनिटरेबल' फैक्टर रहेंगे।
