Visa अब भारत में 'agentic commerce' के लिए खास सिक्योरिटी टूल्स लेकर आया है। कंपनी ने बड़े बैंकों और फिनटेक कंपनियों के साथ हाथ मिलाया है। फिनांशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही में Visa का रेवेन्यू **14%** उछला है।
एआई (AI) आधारित पेमेंट्स के लिए नया सुरक्षा चक्र
Visa ने भारत में 'एजेंटिक कॉमर्स' (agentic commerce) सेक्टर के लिए खुद को सुरक्षा का आधार बना लिया है। Global Fintech Fest 2026 में कंपनी ने ऐसे टूल्स पेश किए जो AI द्वारा किए जाने वाले पेमेंट्स को सुरक्षित और ऑथेंटिकेट करेंगे। अब AI सिर्फ सर्च टूल नहीं, बल्कि खरीदारी जैसे काम भी करेगा, जिसके लिए एक 'trust layer' बेहद जरूरी है। इसके लिए कंपनी 'Visa Intelligent Commerce' और 'Visa Payment Passkeys' का इस्तेमाल कर रही है, जो पारंपरिक पासवर्ड की जगह बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन लाएंगे।
भारतीय दिग्गजों का साथ
Visa ने अपने इस मिशन को स्केल करने के लिए Federal Bank, IndusInd Bank, RBL Bank, Cashfree Payments, CCAvenue, Juspay, Paytm Payments Services, PayU, Pine Labs और Razorpay जैसी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप की है। ये कंपनियां मिलकर एक सुरक्षित इकोसिस्टम तैयार करेंगी ताकि मशीन-आधारित ट्रांजेक्शन पूरी सुरक्षा के साथ हो सकें।
फाइनेंशियल्स और चुनौतियां
कंपनी की वित्तीय सेहत काफी मजबूत है। तीसरी तिमाही में नेट रेवेन्यू $11.6 बिलियन रहा, जो साल-दर-साल 14% की ग्रोथ है। वहीं, GAAP अर्निंग पर शेयर $2.97 दर्ज की गई। 15 सितंबर 2026 तक कंपनी का शेयर प्राइस $375.23 के आसपास ट्रेड कर रहा था।
हालांकि, चुनौतियां भी कम नहीं हैं। मशीन-स्पीड ट्रांजेक्शन के दौर में सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार अपडेट रखना काफी महंगा साबित हो सकता है। इसके अलावा, रेगुलेटरी जांच, इंटरचेंज फीस और ब्याज दरों में बदलाव जैसे मैक्रोइकोनॉमिक रिस्क भी निवेशकों के लिए मॉनिटर करने वाले अहम फैक्टर्स हैं।
