Visa layoffs: AI पर फोकस, 2,600 कर्मचारियों की छंटनी, भारत पर भी असर

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AuthorAditya Rao|Published at:
Visa layoffs: AI पर फोकस, 2,600 कर्मचारियों की छंटनी, भारत पर भी असर

Visa Inc. ने दुनिया भर में अपने करीब 7% यानी लगभग 2,600 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। कंपनी अब AI-संचालित कॉमर्स (AI-driven commerce) पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित कर रही है। इस छंटनी में भारत स्थित टेक्नोलॉजी सेंटर्स के कर्मचारी भी शामिल हैं।

AI के लिए छंटनी का फैसला

Visa Inc. ने हाल ही में अपने वैश्विक कार्यबल में लगभग 7% की कटौती की घोषणा की है, जिससे करीब 2,600 कर्मचारियों की नौकरियां चली गई हैं। यह छंटनी जुलाई 2026 के अंत में हुई और यह कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) को बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। इस फैसले का असर कंपनी के भारत स्थित टेक्नोलॉजी सेंटर्स पर भी पड़ा है, जो इसके ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र हैं।

एजेंटिक AI पर बड़ा दांव

Visa के CEO, Ryan McInerney ने बताया कि कंपनी अपने वर्कफोर्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए पुनर्गठित कर रही है। खासकर, 'एजेंटिक कॉमर्स' (agentic commerce) पर भारी निवेश किया जा रहा है। यह एक ऐसा मॉडल है जिसमें ऑटोनोमस AI एजेंट्स (autonomous AI agents) ग्राहकों की ओर से लेन-देन और खरीदारी को हैंडल करेंगे। Visa का मानना है कि यह टेक्नोलॉजी बाजार का विस्तार करेगी और इसके लिए ऐसे टैलेंट की जरूरत होगी जो इन ऑटोनोमस क्षमताओं को विकसित और स्केल कर सकें।

ऑपरेशनल और वित्तीय प्रभाव

इस छंटनी के कारण कई टीमों को खत्म कर दिया गया है, जिससे विभिन्न स्तरों के कर्मचारी प्रभावित हुए हैं, जिनमें डायरेक्टर और इंजीनियरिंग मैनेजर जैसे अनुभवी लोग भी शामिल हैं। हालांकि, कंपनी का मुख्य जोर लागत कम करने और एफिशिएंसी बढ़ाने पर है, लेकिन ऐसे बड़े संगठनात्मक बदलावों से प्रोजेक्ट की टाइमलाइन और रिसर्च आउटपुट में अल्पावधि व्यवधान का जोखिम भी रहता है। कंपनी की इनोवेशन स्पीड (innovation speed) बनाए रखने की क्षमता एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगी।

पेमेंट सेक्टर में AI का बढ़ता दबदबा

Visa डिजिटल पेमेंट सेक्टर में काम करती है, जहां टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाना और लागत प्रबंधन महत्वपूर्ण है। दुनिया भर की फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियां AI को ऑटोमेशन के लिए अपना रही हैं, और ऐसे में वर्कफोर्स में समायोजन अब आम होता जा रहा है। निवेशकों के लिए, इस पुनर्गठन का दीर्घकालिक फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी इन एफिशिएंसी गेन्स (efficiency gains) को स्थायी प्रॉफिट मार्जिन (profit margins) और मार्केट शेयर ग्रोथ (market share growth) में कैसे बदल पाती है।

आगे क्या देखना ज़रूरी?

कंपनी के लिए आगे की निगरानी में इसकी आगामी तिमाही नतीजे और मैनेजमेंट की टिप्पणी शामिल होगी, खासकर इन बदलावों का कंपनी के कुल ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस (operating expenses) पर क्या असर पड़ता है। इसके अलावा, निवेशकों को यह भी देखना होगा कि एजेंटिक AI में किया गया निवेश ट्रांजैक्शन वॉल्यूम (transaction volume) या नए रेवेन्यू स्ट्रीम्स (revenue streams) में कितनी वृद्धि लाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.