बेंगलुरु की Vimag Labs ने एक नई तकनीक, वर्चुअल मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर (VMSM) पेश की है। इसका मकसद इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) में इस्तेमाल होने वाली दुर्लभ-पृथ्वी धातुओं (rare-earth magnets) पर निर्भरता को कम करना है। सॉफ्टवेयर-आधारित इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल के ज़रिए, यह नई तकनीक महत्वपूर्ण सामग्रियों पर निर्भरता घटाने का लक्ष्य रखती है, जिन पर अक्सर वैश्विक व्यापार नीतियां हावी रहती हैं।
बेंगलुरु स्थित Vimag Labs ने वर्चुअल मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर (VMSM) टेक्नोलॉजी पेश करके इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मोटर इंडस्ट्री में एक नई क्रांति लाने की कोशिश की है। इस स्टार्टअप की नवीनता हाई-एफिशिएंसी वाले EV मोटर्स में इस्तेमाल होने वाले परमानेंट मैग्नेट के प्रदर्शन की नकल करने पर केंद्रित है, लेकिन यह इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल और सॉफ्टवेयर का उपयोग करके एक वर्चुअल मैग्नेटिक फील्ड तैयार करती है।
सप्लाई चेन की कमजोरियों को दूर करने की कोशिश
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दुनिया भर की कार निर्माता कंपनियां नियोडिमियम और डिस्प्रोसियम जैसी दुर्लभ-पृथ्वी तत्वों पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती हैं। ये सामग्रियां हाई-परफॉरमेंस वाले परमानेंट मैग्नेट मोटर्स के लिए ज़रूरी हैं, लेकिन इनकी सप्लाई चेन पर चीन का दबदबा है। चीन द्वारा निर्यात प्रतिबंधों को कड़ा करने से निर्माताओं में यह अहसास बढ़ा है कि उन्हें विकल्पों की तलाश करनी होगी, क्योंकि सप्लाई चेन में किसी भी तरह की रुकावट उत्पादन की समय-सीमा और लागत को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।
इंजीनियरिंग के अलग-अलग रास्ते
Vimag Labs, भारतीय स्टार्टअप्स के उस बड़े समूह का हिस्सा है जो महंगी या प्रतिबंधित सामग्रियों पर निर्भरता से बचने के लिए इंजीनियरिंग के विभिन्न रास्ते तलाश रहे हैं। इस क्षेत्र की अन्य कंपनियां भी अलग-अलग रणनीतियों पर काम कर रही हैं। उदाहरण के लिए, Chara Technologies सिंक्रोनस रिलक्टेंस मोटर्स विकसित कर रही है जो मैग्नेटिक स्टील और कॉपर वाइंडिंग का उपयोग करके परमानेंट मैग्नेट से पूरी तरह बचती हैं। वहीं, Conifer जैसी कंपनियां दुर्लभ-पृथ्वी कंपोनेंट्स को आसानी से उपलब्ध फेराइट मैग्नेट से बदलने पर काम कर रही हैं। Vimag का खास तरीका, जिसमें रोटर एक्साइटेशन और सॉफ्टवेयर-नियंत्रित फील्ड का उपयोग किया जाता है, बिना फिजिकल परमानेंट मैग्नेट के मैग्नेटिक व्यवहार की नकल करने के लक्ष्य के कारण अलग दिखता है।
बाज़ार में स्वीकार्यता और भविष्य की चुनौतियां
हालांकि ये तकनीकी नवाचार महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इन्हें मुख्यधारा में अपनाने के लिए एक चुनौतीपूर्ण राह का सामना करना पड़ेगा। पैसेंजर इलेक्ट्रिक वाहनों में परमानेंट मैग्नेट मोटर्स का प्रदर्शन और विश्वसनीयता का एक लंबा इतिहास रहा है। EY-Parthenon के विश्लेषकों सहित उद्योग पर्यवेक्षकों का सुझाव है कि पारंपरिक परमानेंट मैग्नेट मोटर्स अगले दशक तक इंडस्ट्री का मानक बने रहने की संभावना है।
Vimag Labs और इसी तरह की अन्य कंपनियों के लिए, यह बदलाव सिर्फ तकनीक से परे कई कारकों पर निर्भर करेगा। ऑटोमोटिव-ग्रेड मानक बेहद कठोर होते हैं, जिनके तहत निर्माताओं को यह साबित करना होता है कि कोई भी नई मोटर तकनीक विभिन्न सड़क और मौसम की स्थिति में वर्षों तक रोज़ाना संचालन को संभाल सकती है। इसके अतिरिक्त, इन स्टार्टअप्स को मौजूदा, बड़े पैमाने पर उत्पादित समाधानों की तुलना में स्वामित्व की कुल लागत (total cost of ownership) प्रतिस्पर्धी साबित करनी होगी। निवेशकों को यह देखना होगा कि ये कंपनियां अपनी विनिर्माण प्रक्रियाओं को कैसे बढ़ाती हैं और क्या वे पायलट टेस्टिंग या व्यावसायिक उपयोग के लिए प्रमुख वाहन निर्माताओं के साथ साझेदारी हासिल कर पाती हैं।
