Urban Company के लिए Q1FY27 शानदार रहा, कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल की तुलना में **44%** का जबरदस्त उछाल आया है। यह बढ़कर **₹528 करोड़** हो गया है। होम सर्विसेज प्लेटफॉर्म के एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स **9.3 मिलियन** तक पहुंच गए हैं, जिसका श्रेय भारत में मजबूत ग्रोथ और इंटरनेशनल मार्केट्स में बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी को जाता है।
भारत में होम सर्विसेज का जलवा
कंपनी का मुख्य होम सर्विसेज बिजनेस भारत ही इस ग्रोथ का मेन इंजन बना हुआ है। इस सेगमेंट में नेट ट्रांजैक्शन वैल्यू (Net Transaction Value) 29% बढ़कर ₹1,056 करोड़ रही। कंपनी का कहना है कि मार्केटप्लेस डेंसिटी में बढ़ोतरी, सर्विस पार्टनर्स का बेहतर इस्तेमाल और कम कॉस्ट पर काम पूरा होने से यह संभव हुआ है। इसी एफिशिएंसी के चलते एडजस्टेड EBITDA मार्जिन में 170 बेसिस पॉइंट का सुधार आया और यह 6.9% पर पहुंच गया। खास बात यह है कि टियर-2 शहरों में मांग बड़े शहरों से भी ज्यादा बढ़ी है, जो प्लेटफॉर्म की पहुंच का संकेत है।
InstaHelp और इंटरनेशनल एक्सपेंशन पर फोकस
Urban Company अपनी InstaHelp सर्विस, जो मेंटल हेल्थ और वेलनेस पर केंद्रित है, में लगातार भारी निवेश कर रही है। इस तिमाही में इस सेगमेंट में फुलफिल हुए ऑर्डर्स 43% बढ़कर 3.82 मिलियन हो गए। हालांकि, यह एक इनवेस्टमेंट-हैवी बिजनेस है, लेकिन कंपनी ने EBITDA लॉस प्रति ऑर्डर को घटाकर ₹346 कर लिया है, जो पिछले क्वार्टर के ₹447 से काफी कम है। यह सर्विस के स्केल होने के साथ यूनिट इकोनॉमिक्स में सुधार का संकेत देता है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर, UAE और सिंगापुर में प्लेटफॉर्म को अच्छी सफलता मिल रही है। इन बाजारों में नेट ट्रांजैक्शन वैल्यू 76% बढ़कर ₹237 करोड़ रही। सऊदी अरब में भी घाटा कम होने लगा है। कंपनी का मानना है कि इन क्षेत्रों में ऑपरेशनल डेंसिटी बढ़ने के साथ ही प्रॉफिट मार्जिन भारत के स्तर के करीब आ जाएंगे।
प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी और आगे क्या?
कंपनी के 'नेटिव' सेगमेंट, जिसमें वाटर प्यूरीफायर फिल्टर और स्मार्ट लॉक जैसे प्रोडक्ट आते हैं, ब्रेक-ईवन के करीब पहुंच गया है। करीब 75% वाटर प्यूरीफायर कस्टमर रिप्लेसमेंट फिल्टर सीधे प्लेटफॉर्म से खरीद रहे हैं, जिससे कस्टमर लाइफटाइम वैल्यू बढ़ रही है।
निवेशकों को InstaHelp जैसे नए ग्रोथ सेगमेंट्स में कंपनी के कैपिटल स्पेंड और कोर इंडियन बिजनेस के बढ़ते मार्जिन के बीच संतुलन पर नजर रखनी चाहिए। मौजूदा कैश पोजीशन ग्रोथ को सपोर्ट कर रही है, लेकिन इन नई सर्विसेज की लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कोर होम सर्विसेज मार्केटप्लेस जितनी एफिशिएंसी हासिल कर पाती हैं या नहीं।
