Unitree Robotics ने शंघाई STAR मार्केट में डेब्यू करते ही निवेशकों को मालामाल कर दिया। कंपनी के शेयर IPO कीमत से **629%** ऊपर, **1,100 युआन** पर खुले, जबकि IPO प्राइस **150.8 युआन** था। चीन के मेनलाइन एक्सचेंज पर लिस्ट होने वाली यह पहली ह्यूमनॉइड रोबोट कंपनी है, जिसने रोबोटिक्स में भारी निवेशक रुचि दिखाई है, लेकिन मार्केट की अस्थिरता और कंपटीशन का रिस्क भी साथ लाया है।
शानदार लिस्टिंग, निवेशकों की लगी लॉटरी!
चीन के शंघाई स्टॉक एक्सचेंज के टेक्नोलॉजी-फोक्स्ड STAR मार्केट में बुधवार को Unitree Robotics ने धमाकेदार एंट्री मारी। हांग्जो की यह ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने वाली कंपनी के शेयर 150.8 युआन के IPO प्राइस से 629% बढ़कर 1,100 युआन पर खुले। यह इस सेक्टर के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है, क्योंकि Unitree चीन के मेनलाइन एक्सचेंज पर लिस्ट होने वाली पहली जनरल-पर्पस ह्यूमनॉइड रोबोट कंपनी बन गई है।
IPO से 6.1 अरब युआन जुटाए
इस IPO के जरिए Unitree Robotics ने लगभग 6.1 अरब युआन (करीब 904 मिलियन US डॉलर) जुटाए हैं, जो निवेशकों के तगड़े भरोसे को दर्शाता है। रिटेल इन्वेस्टर्स की तरफ से भी जबरदस्त डिमांड देखने को मिली, जिसमें रिटेल पोर्शन 5,500 गुना से ज्यादा ओवरसब्सक्राइब हुआ। इस उत्साह से रोबोटिक्स इंडस्ट्री का बढ़ता महत्व साफ जाहिर होता है, जो चीन के टेक्नोलॉजी इन्वेस्टमेंट का एक अहम फोकस एरिया है।
Tencent और DeepSeek जैसे बड़े नामों का साथ
फाइनेंशियल फ्रंट पर, Unitree ने 2025 में लगभग 1.7 अरब युआन का रेवेन्यू रिपोर्ट किया है और कंपनी प्रॉफिटेबल भी रही है। इस ऑफरिंग में टेक्नोलॉजी दिग्गज Tencent और AI स्टार्टअप DeepSeek जैसे स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर्स भी शामिल थे, जिन्होंने मार्केट सेंटिमेंट को और बूस्ट किया। ट्रेडिंग शुरू होने से पहले कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 61 अरब युआन था।
आगे क्या? अस्थिरता और प्रतिस्पर्धा का रिस्क
हालांकि लिस्टिंग सफल रही, लेकिन निवेशक स्टॉक में स्थिरता के संकेतों पर कड़ी नजर रख रहे हैं। कई हाई-प्रोफाइल टेक IPOs की तरह, शुरुआती ट्रेडिंग में काफी वोलेटिलिटी (अस्थिरता) देखी गई है, और ओपनिंग हाई से कुछ गिरावट भी दर्ज की गई है। कंपनी का भविष्य काफी हद तक इंटेंस इंडस्ट्री कंपटीशन के बीच रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) के प्रयासों को बढ़ाने की क्षमता पर निर्भर करता है।
निवेशकों को कुछ मुख्य जोखिमों पर भी ध्यान देना होगा, जैसे कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा से कंपनी के कॉम्पिटिटिव एज पर दबाव पड़ना। इसके अलावा, हाई वैल्यूएशन भविष्य में तेज ग्रोथ की उम्मीदों को दर्शाता है, जो ग्लोबल ट्रेड पॉलिसी और डोमेस्टिक इकोनॉमिक कंडीशंस में बदलावों के प्रति संवेदनशील हो सकता है। जैसे-जैसे कंपनी पब्लिक मार्केट में आगे बढ़ेगी, उसके R&D स्ट्रैटेजीज का लॉन्ग-टर्म इम्पैक्ट और प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता शेयरधारकों के लिए महत्वपूर्ण फैक्टर होंगे।
