Unitree Robotics के शेयर अपने IPO पीक से **45%** तक गिर गए हैं। लिस्टिंग के कुछ ही दिनों के भीतर निवेशकों की **$30 अरब** की संपत्ति स्वाहा हो गई है। यह गिरावट फिजिकल AI सेक्टर में फैली 'हाइप' और वास्तविकता के बीच के अंतर को दर्शाती है।
बाजार का 'रियलिटी चेक'
फिजिकल AI और ह्यूमनाइड रोबोटिक्स सेक्टर में चल रही शुरुआती दीवानगी पर अब बाजार का कड़ा प्रहार हुआ है। 19 अगस्त, 2026 को शंघाई स्टॉक एक्सचेंज के STAR Market पर डेब्यू करने वाली Unitree Robotics की मार्केट वैल्यू पहले दिन ही करीब $66 अरब के पीक पर पहुंच गई थी। हालांकि, यह चमक ज्यादा दिन नहीं टिकी और 25 अगस्त, 2026 तक शेयर 45% टूट चुका है।
मुनाफे का गणित और चिंताएं
निवेशक अब कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन पर सवाल उठा रहे हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में Unitree के एडजस्टेड नेट प्रॉफिट में 53% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह आंकड़े कंपनी की उस हाइप से बिल्कुल अलग हैं जो IPO के दौरान बनाई गई थी।
डेटा बॉटलनेक और फिजिकल गैप
फिजिकल AI सेक्टर, जिसे 2026 की पहली छमाही में $47.4 अरब की ग्लोबल वेंचर फंडिंग मिली थी, अब एक 'वैल्यूएशन बबल' के जोखिम का सामना कर रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि रोबोटिक्स कंपनियां लैब प्रोटोटाइप से कमर्शियल लेवल तक पहुंचने में संघर्ष कर रही हैं।
सॉफ्टवेयर के मुकाबले हार्डवेयर का स्केल-अप करना बेहद महंगा और जटिल है। इसके अलावा, रोबोट्स को चलने के लिए विजुअल, काइनेटिक और लिडार (Lidar) जैसे जटिल डेटा की जरूरत होती है, जिसे इकट्ठा करना एक बड़ा 'डेटा बॉटलनेक' बना हुआ है। अब बाजार इस बात पर नजर रखे हुए है कि कंपनियां केवल 'यूनिवर्सल ह्यूमनाइड' के सपने बेचेंगी या इंडस्ट्रियल क्लीनिंग और सोलर मेंटेनेंस जैसे टास्क-स्पेसिफिक रोबोट्स बनाकर रेवेन्यू जेनरेट करेंगी।
