Unicommerce eSolutions ने सितंबर तिमाही के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **11%** बढ़कर **₹6.4 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **15%** का इजाफा दर्ज किया गया है।
मुनाफे में इजाफा और क्लाइंट्स का विस्तार
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में Unicommerce eSolutions का प्रदर्शन स्थिर रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट 11% बढ़कर ₹6.4 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू में 15% की बढ़त के साथ यह ₹59.1 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी की रणनीति अब अपने एंटरप्राइज क्लाइंट बेस को बढ़ाने पर है, जिससे एक ही बड़े ग्राहक पर निर्भरता कम हो सके। इस दौरान 121 नए एंटरप्राइज क्लाइंट्स जोड़ने के साथ कुल संख्या 1,233 हो गई है। महत्वपूर्ण यह है कि शीर्ष 10 ग्राहकों का रेवेन्यू में योगदान घटकर 10.5% रह गया है, जो पहले 15.1% था। इसमें United Colors of Benetton, Amul Macho और Furlenco जैसे बड़े नाम शामिल हुए हैं।
मार्जिन पर दबाव और AI का असर
रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद कंपनी के ऑपरेटिंग खर्चों में 19% की बढ़ोतरी हुई और ये ₹52.8 करोड़ तक पहुंच गए। इसके पीछे की बड़ी वजह कंपनी का अपने नए AI-ड्रिवन असिस्टेंट 'DNA' के मार्केटिंग और रिसर्च पर किया गया खर्च है। इसी कारण से कंपनी का एडजस्टेड EBITDA मार्जिन पिछले साल के 22.2% से घटकर 17% पर आ गया है। मैनेजमेंट का मानना है कि फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार देखने को मिलेगा।
सब्सिडियरी Shipway पर नजर
कंपनी अपनी सब्सिडियरी Shipway पर भी बड़ा दांव लगा रही है। इसने तिमाही में ₹25.1 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है और इसका एनुअलाइज्ड रन-रेट ₹100 करोड़ के पार निकल गया है। हालांकि यह अभी लॉस में है, लेकिन कंपनी का लक्ष्य दिसंबर तिमाही तक इसे EBITDA-पॉजिटिव बनाने और मार्च तक पूरी तरह मुनाफे में लाने का है।
जोखिम और चुनौतियां
निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में काम करने और ई-कॉमर्स सॉफ्टवेयर क्षेत्र में बढ़ते कॉम्पिटिशन पर नजर रखनी चाहिए। अगर कंपनी उम्मीद के मुताबिक ऑपरेशनल एफिशिएंसी हासिल नहीं कर पाती है, तो मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है।
