Uber अब लंदन की सड़कों पर अपनी ऑटोनॉमस ड्राइविंग तकनीक का विस्तार करने जा रही है। कंपनी Pony.ai की Gen-7 रोबोटैक्सी की टेस्टिंग शुरू करेगी, जो उसके **2026** तक **15** ग्लोबल शहरों में रोबोटैक्सी सेवा शुरू करने के लक्ष्य का हिस्सा है।
लंदन में नई शुरुआत
Uber अपनी ऑटोनॉमस ड्राइविंग रणनीति को रफ्तार देने के लिए Pony.ai के साथ मिलकर लंदन में अपने Gen-7 रोबोटैक्सी का परीक्षण शुरू करने वाली है। आने वाले कुछ हफ्तों में ये गाड़ियां सड़कों पर नजर आ सकती हैं। यह कदम अगस्त 2026 में घोषित उस बड़े मिशन का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी यूरोप और मिडिल ईस्ट के कई शहरों में 2,000 से अधिक रोबोटैक्सी तैनात करना चाहती है।
'एसेट-लाइट' मॉडल पर जोर
Uber खुद कारें बनाने के बजाय एक ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में काम कर रही है जो कई ऑटोनॉमस तकनीक डेवलपर्स को एक साथ जोड़ता है। इसी कड़ी में कंपनी ब्रिटिश स्टार्टअप Wayve के साथ भी काम कर रही है। इस फ्लेक्सिबल नेटवर्क का फायदा यह है कि Uber किसी एक सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर पर निर्भर नहीं है।
निवेश और चुनौतियां
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए Uber ने $10 बिलियन से ज्यादा की राशि का निवेश करने का संकल्प लिया है। हालांकि, इतने बड़े पैमाने पर पूंजी खर्च (Capital Expenditure) करने से शॉर्ट टर्म में कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती रेगुलेटरी अप्रूवल की है। लंदन जैसे भीड़भाड़ वाले शहरों में बिना ड्राइवर की कारों को चलाने के लिए कड़े सेफ्टी स्टैंडर्ड्स और सरकारी अनुमति जरूरी है। अगर इन परमिट्स में देरी होती है, तो कंपनी का विस्तार प्लान धीमा हो सकता है। इसके अलावा, लंबी अवधि में यह जोखिम भी बना हुआ है कि तकनीकी कंपनियां भविष्य में Uber के प्लेटफॉर्म को दरकिनार कर सीधे ग्राहकों तक पहुंच बना सकती हैं।
