Uber Technologies ने अपने कॉर्पोरेट कैश को मैनेज करने के लिए एक सफल ब्लॉकचेन पायलट पूरा किया है। कंपनी ने अब वीकेंड के दौरान खाली पड़े फंड पर ब्याज कमाने के लिए टोकनाइज्ड मनी मार्केट फंड्स का उपयोग किया है, ताकि बैंकिंग अवकाश के समय भी पैसे काम कर सकें।
वीकेंड पर कैसे काम करेगा पैसा?
आमतौर पर शुक्रवार शाम से सोमवार सुबह तक फाइनेंशियल मार्केट्स बंद रहते हैं, जिससे बड़ी कंपनियों का पैसा बेकार पड़ा रहता है। Uber ने इस समस्या का तोड़ निकाल लिया है। कंपनी ने HSBC Holdings, Franklin Templeton, Tradeweb Markets और Fireblocks के साथ मिलकर एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसमें Canton Network के जरिए कैश को डिजिटल टोकन में बदला गया और फिर उसे मनी मार्केट फंड्स में निवेश किया गया।
क्या है 'टोकनाइजेशन' का खेल?
टोकनाइजेशन का मतलब है किसी वास्तविक संपत्ति का डिजिटल रूप तैयार करना। चूंकि ये टोकन ब्लॉकचेन पर तुरंत ट्रेड या सेटल किए जा सकते हैं, इसलिए कंपनी ने गुरुवार को फंड निवेश किए और रविवार को उन्हें लिक्विडेट कर लिया। इस तरीके से कंपनी ने अपने कैपिटल को लगातार एक्टिव रखा, जिससे उन्हें महंगे शॉर्ट-टर्म लोन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
यह प्रयोग कॉर्पोरेट दुनिया में ट्रेजरी मैनेजमेंट के बदलते स्वरूप को दर्शाता है। कंपनियां अब मैन्युअल प्रोसेस के बजाय ब्लॉकचेन जैसी फास्ट तकनीक अपना रही हैं ताकि छोटी-छोटी बचत को जोड़कर बड़ा फायदा लिया जा सके। हालांकि, इस तकनीक के साथ कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हैं।
सुरक्षा और रेगुलेटरी रिस्क
कॉर्पोरेट ऑपरेशन्स को ब्लॉकचेन पर शिफ्ट करने से स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स में तकनीकी खामियों और साइबर हमलों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, टोकनाइज्ड एसेट्स के लिए दुनिया भर में अभी स्पष्ट रेगुलेटरी नियम बनने बाकी हैं। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या आने वाले समय में अन्य बड़ी कंपनियां भी इसी राह पर चलेंगी और बैंक इसे अपने मुख्य पोर्टफोलियो का हिस्सा बनाएंगे।
