Uber ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। फरवरी से अब तक कंपनी ने AI एजेंट का वर्कलोड **9.4 गुना** बढ़ा दिया है, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च को पूरी तरह स्थिर रखा गया है।
एआई ऑपरेशंस में जबरदस्त कुशलता
फरवरी 2026 के बाद से Uber ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ाया है। जहां दुनिया भर की कंपनियां AI के बढ़ते खर्चों से परेशान हैं, वहीं Uber ने अप्रैल से अपने AI-रिलेटेड खर्चों को एक जगह थामे रखा है।
कैसे बचाई लागत?
कंपनी ने अपनी कंप्यूटिंग रणनीति में बड़े बदलाव किए हैं:
- स्मार्ट मॉडल सिलेक्शन: हर काम के लिए हाई-परफॉर्मेंस मॉडल के बजाय, आसान कार्यों को सस्ते और स्पेशलाइज्ड मॉडल्स पर शिफ्ट किया गया है।
- बजट कैप: किसी भी इंटरएक्टिव सेशन पर 400,000 टोकन की लिमिट लगाई गई है।
- प्रॉम्ट कैशिंग: पुरानी जानकारी को रीयूज करने के समय को 5 मिनट से बढ़ाकर 1 घंटा कर दिया गया, जिससे जून के बाद से प्रति सेशन लागत में 52% की कमी आई है।
साल की शुरुआत में आई थी दिक्कत
यह कामयाबी इसलिए भी अहम है क्योंकि 2026 की शुरुआत में Uber ने केवल 4 महीनों में अपना सालाना एआई कोडिंग बजट खत्म कर दिया था। उस समय प्रति कर्मचारी $1,500 प्रति माह की कैप लगाकर खर्चों पर लगाम कसी गई थी, जो अब रंग ला रही है।
निवेशकों की चिंता और जोखिम
हालांकि ऑपरेशनल एफिशिएंसी सुधरी है, लेकिन निवेशकों की नजर मार्जिन पर है। कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन पिछले साल के 26.7% से घटकर 17.3% रह गया है। साथ ही, Waymo और Tesla से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा और डच डेटा-प्रोटेक्शन अथॉरिटी द्वारा संभावित €825 मिलियन (करीब $966 मिलियन) का जुर्माना कंपनी के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। अब देखना होगा कि Delivery Hero SE को खरीदने की कोशिश में लगी Uber इन लागत कटौतियों के दम पर अपना मुनाफा कैसे बचा पाती है।
