Uber Q3 Results: उम्मीदों पर फिरा पानी, महंगा ईंधन और ग्लोबल तनाव बना मुसीबत

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Uber Q3 Results: उम्मीदों पर फिरा पानी, महंगा ईंधन और ग्लोबल तनाव बना मुसीबत

Uber के तीसरी तिमाही के नतीजे बाजार की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। बढ़ते ईंधन के दाम और मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते कंपनी के मुनाफे पर दबाव बढ़ा है, हालांकि ग्रॉस बुकिंग्स में **20%** का उछाल दर्ज किया गया है।

मुनाफे में क्यों आई गिरावट?

Uber Technologies (NYSE: UBER) ने अपने Q3 नतीजों में $512 मिलियन का नेट इनकम दर्ज किया है। कंपनी का एडजस्टेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) $0.88 रहा, जो एनालिस्ट्स के $0.90 के अनुमान से कम है। ग्रॉस बुकिंग्स जरूर 20% बढ़कर $59.8 बिलियन तक पहुंच गई, लेकिन मार्जिन पर भारी दबाव साफ नजर आ रहा है।

क्यों बढ़ रही है चुनौती?

कंपनी ने साफ किया है कि मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव और ईंधन की बढ़ती कीमतों ने मोबिलिटी बुकिंग्स को 75 बेसिस पॉइंट्स तक प्रभावित किया है। इतना ही नहीं, कंपनी को अपनी सर्विस सुचारू रखने के लिए ड्राइवरों के इंसेंटिव और भर्ती पर काफी खर्च करना पड़ रहा है, जिससे मार्जिन और कम हो गया है। मैनेजमेंट का मानना है कि आने वाली तिमाही में भी उन्हें 100 बेसिस पॉइंट्स का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ऑटोनॉमस व्हीकल पर बड़ा दांव

मुनाफे पर दबाव के बावजूद, Uber अपनी लॉन्ग-टर्म टेक्नोलॉजी स्ट्रैटेजी पर भारी निवेश कर रही है। कंपनी ने लक्ष्य रखा है कि 2026 के अंत तक उसके पास 700 पूरी तरह से ड्राइवरलेस गाड़ियां होंगी और 2027 तक यह आंकड़ा 2,000 के पार पहुंच जाएगा। यह निवेश कंपनी के भविष्य के लिए तो अहम है, लेकिन फिलहाल यह मार्जिन को और ज्यादा निचोड़ रहा है। निवेशकों के लिए अब चुनौती यह है कि कंपनी कब तक अपनी डिमांड और ऑटोनॉमस व्हीकल की लागत के बीच संतुलन बना पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.