UST के CEO का बड़ा बयान: AI के दौर में IT सेवाएं बनेंगी 'रिजल्ट-बेस्ड', बदलेगा बिजनेस मॉडल

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
UST के CEO का बड़ा बयान: AI के दौर में IT सेवाएं बनेंगी 'रिजल्ट-बेस्ड', बदलेगा बिजनेस मॉडल

UST के CEO कृष्णा सुधेन्द्र का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण IT सेवाओं का भविष्य 'आउटकम-बेस्ड' या 'रिजल्ट-बेस्ड' कॉन्ट्रैक्ट्स में है। इसका मतलब है कि कंपनियां अब सिर्फ घंटों के हिसाब से बिलिंग के बजाय, तय नतीजे देने के लिए ज्यादा जोखिम उठाएंगी।

UST के CEO कृष्णा सुधेन्द्र का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) IT सर्विस इंडस्ट्री के बिजनेस मॉडल को पूरी तरह बदल रहा है। सुधेन्द्र AI के प्रभाव की तुलना इंटरनेट के शुरुआती दिनों से करते हैं, क्योंकि यह तकनीक दिमागी कामों की लागत को काफी कम कर रही है। इससे इंडस्ट्री में लंबे समय से चली आ रही 'टाइम एंड मैटेरियल्स' यानी घंटों और लागत के आधार पर बिलिंग की व्यवस्था पर भारी दबाव आ गया है।

'गारंटीड आउटकम' की ओर बढ़ता कदम

पारंपरिक IT आउटसोर्सिंग मॉडल में, कंपनियां क्लाइंट्स से प्रोजेक्ट पूरा करने में लगे समय और संसाधनों के लिए बिल लेती थीं। लेकिन सुधेन्द्र बताते हैं कि अब भविष्य 'आउटकम-बेस्ड' कॉन्ट्रैक्ट्स की ओर बढ़ रहा है। इस नए मॉडल में, सर्विस प्रोवाइडर सिर्फ काम के घंटे देने के बजाय, तय बिजनेस रिजल्ट्स की गारंटी देगा, जिससे कंपनी पर वित्तीय जोखिम बढ़ जाएगा। UST ने हाल ही में एक बड़े अमेरिकी इंश्योरेंस प्रोवाइडर के लिए AI-फर्स्ट मेंबर एनरोलमेंट सिस्टम लागू किया है, जो 6 करोड़ सदस्यों को सपोर्ट करता है।

यह बदलाव ऐसे समय में आ रहा है जब टेक्नोलॉजी पर खर्चों की बारीकी से जांच हो रही है। कॉर्पोरेट बोर्ड AI की स्पष्ट रणनीतियों पर जोर दे रहे हैं, जबकि कई CFOs अभी भी सतर्क हैं। महामारी के दौरान टेक्नोलॉजी पर बढ़ा हुआ खर्च, लगातार महंगाई और भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण माहौल अधिक रूढ़िवादी हो गया है। इस खाई को पाटने के लिए, UST जैसी कंपनियां प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट (PoC) प्रोजेक्ट्स को पूरी तरह से फंड कर रही हैं, ताकि औपचारिक कॉन्ट्रैक्ट मिलने से पहले ही वे ठोस वैल्यू साबित कर सकें।

बिजनेस मॉडल और प्रतिभा को अपनाना

इस बदलाव का असर बड़े टेक्नोलॉजी डील्स की संरचना पर भी पड़ रहा है। जहां पहले इंडस्ट्री $5 करोड़ से $20 करोड़ के बड़े आउटसोर्सिंग कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भर थी, वहीं अब $3 करोड़ से $5 करोड़ की रेंज के छोटे और लक्षित प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि डील का आकार छोटा हो सकता है, लेकिन कंपनी डील की तेजी और ग्राहक के भरोसे में वृद्धि की रिपोर्ट करती है, जो 'सर्विस-एज-सॉफ्टवेयर' की अवधारणा की ओर बढ़ रहा है।

इस बदलाव का समर्थन करने के लिए, UST अपने कर्मचारियों को फिर से प्रशिक्षित कर रहा है, 25,000 कर्मचारियों को जेनेरेटिव AI टूल्स में प्रशिक्षित किया गया है। कंपनी डोमेन विशेषज्ञता और AI गवर्नेंस को प्राथमिकता देने के लिए अपने करियर स्ट्रक्चर को भी नया आकार दे रही है। Temasek जैसे दीर्घकालिक निवेशकों के समर्थन से, कंपनी ने खुद को AI-नेटिव फर्म के रूप में विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया है, और फिलहाल इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की योजनाओं को टाल दिया है। हाल ही में अपने Healthproof प्लेटफॉर्म को अलग करने से कंपनी को अपने रिसर्च और AI-केंद्रित सर्विस लाइन्स का समर्थन करने के लिए अतिरिक्त पूंजी भी मिली है। सेक्टर को ट्रैक करने वाले निवेशकों को यह देखना चाहिए कि ये 'आउटकम-बेस्ड' मॉडल लाभ मार्जिन को कैसे प्रभावित करते हैं, क्योंकि प्रोजेक्ट जोखिम लेने से पारंपरिक बिलिंग विधियों की तुलना में अलग वित्तीय परिणाम हो सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.