Microsoft, Alphabet, Amazon, Meta और Oracle जैसी दिग्गज कंपनियों ने शेयरधारकों को दिए जाने वाले रिटर्न में कटौती कर उसे 15 साल के निचले स्तर पर पहुँचा दिया है। इन कंपनियों का पूरा ध्यान अब AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने पर है, जिससे निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ गया है।
दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों की ओर से निवेशकों को मिलने वाले जबरदस्त कैश रिटर्न का दौर फिलहाल थम गया है। साल 2026 के पहले 9 महीनों में Microsoft, Alphabet, Amazon, Meta और Oracle जैसी कंपनियों ने अपने कैश का सिर्फ 9.3% ही शेयरधारकों को वापस दिया है। यह आंकड़ा पिछले साल इसी अवधि में 27.4% था। यह गिरावट पिछले 15 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर आ गई है, जिसकी मुख्य वजह आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने का भारी-भरकम खर्च है।
AI की दौड़ में खर्च बढ़ा
ये कंपनियां डेटा सेंटर्स बनाने और विशेष हार्डवेयर खरीदने की रेस में जुटी हैं। इन कंपनियों ने कुल $542.9 बिलियन का ऑपरेटिंग कैश कमाया, लेकिन कैपिटल प्रोजेक्ट्स पर $556.9 बिलियन खर्च कर दिए। इससे फ्री कैश फ्लो में $14 बिलियन का घाटा हुआ है, जबकि पिछले साल इसी समय $143.5 बिलियन का सरप्लस था।
बायबैक की रफ्तार पर ब्रेक
टेक कंपनियां पहले 'शेयर बायबैक' के जरिए निवेशकों को मालामाल करती थीं, जिससे शेयर की संख्या कम होकर प्रति शेयर मुनाफा (EPS) बढ़ जाता था। अब बायबैक में 83% की भारी गिरावट के साथ यह खर्च $13.6 बिलियन रह गया है। Alphabet और Meta ने बायबैक रोक दिए हैं, जबकि Amazon 2022 से ही बायबैक नहीं कर रही है।
निवेशकों के लिए नए जोखिम
अब इन कंपनियों को बायबैक के कृत्रिम सहारे के बिना ऑर्गेनिक प्रॉफिट ग्रोथ दिखानी होगी। साथ ही, डेटा सेंटर्स के भारी निवेश से डेप्रिसिएशन (Depreciation) लागत बढ़ेगी, जो आने वाली तिमाहियों में मुनाफे पर असर डालेगी।
भारतीय निवेशकों के लिए संदेश
जो भारतीय निवेशक FANG+ ETFs या Nasdaq-100 फंड्स के जरिए इन कंपनियों में निवेशित हैं, उन्हें सावधान रहने की जरूरत है। अब निवेश की रणनीति 'कैश-रिच' से बदलकर 'ग्रोथ-एट-एनी-कॉस्ट' हो गई है। अगर AI से होने वाली कमाई उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, तो बायबैक का सहारा न होने के कारण इन शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
