TikTok पर अमेरिकी सीनेटरों का शिकंजा! 1.5 करोड़ यूजर्स के लिए रोके गए थे सेफ्टी फीचर्स

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AuthorMehul Desai|Published at:
TikTok पर अमेरिकी सीनेटरों का शिकंजा! 1.5 करोड़ यूजर्स के लिए रोके गए थे सेफ्टी फीचर्स

अमेरिकी सीनेटरों ने टिकटॉक (TikTok) से एक बड़े सवाल का जवाब मांगा है। 2022 में कंपनी ने कथित तौर पर **1.5 करोड़ (15 Million)** से ज्यादा यूजर्स के लिए सेफ्टी फीचर्स को रोक दिया था। यह मामला Big Tech कंपनियों पर बढ़ते रेगुलेटरी दबाव को दिखाता है।

क्या है पूरा मामला?

अमेरिकी सीनेटर मारशा ब्लैकबर्न (Marsha Blackburn) और रिचर्ड ब्लूमेंथल (Richard Blumenthal) ने टिकटॉक के शीर्ष अधिकारियों को एक औपचारिक चिट्ठी लिखकर 2022 में हुए एक एल्गोरिथम एक्सपेरिमेंट (Algorithmic Experiment) के बारे में पारदर्शिता की मांग की है। सीनेटरों ने कंपनी को 1 सितंबर तक का समय दिया है कि वे बताएं कि इस ट्रायल के दौरान करीब 1.5 करोड़ (15 Million) अमेरिकी यूजर्स के लिए सेफ्टी फीचर्स को क्यों रोका गया था।

यह विवाद एक आंतरिक प्रयोग के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसे यूजर एंगेजमेंट पर सेफ्टी फिल्टर के प्रभाव को मापने के लिए डिजाइन किया गया था। सीनेटरों ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है, क्योंकि इसमें यूजर्स के एक समूह (जिसमें नाबालिग भी शामिल थे) को इन फिल्टरों की सुरक्षा के बिना कंटेंट दिखाया गया था। इस जांच को उस वक्त और भी बल मिला जब 16 साल के एक यूजर की रिपोर्ट सामने आई, जिसने कथित तौर पर इस समूह में रहते हुए खुद को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री सहित परेशान करने वाली सामग्री देखी थी।

निवेशकों के लिए क्यों है अहम?

हालांकि टिकटॉक, बाइटडांस (ByteDance) की प्राइवेट फर्म का सबसिडियरी है और यह सीधे तौर पर पब्लिकली ट्रेडेड स्टॉक नहीं है, यह जांच टेक्नोलॉजी और सोशल मीडिया सेक्टर के निवेशकों के लिए बेहद अहम है। दुनिया भर के रेगुलेटर इस बात की जांच कर रहे हैं कि एल्गोरिथम कंटेंट को कैसे क्यूरेट करते हैं और यूजर एंगेजमेंट को सेफ्टी पर प्राथमिकता देते हैं। ऑटोमेटेड कंटेंट फीड पर भारी निर्भर रहने वाली कंपनियों पर अब कड़ी निगरानी, संभावित जुर्माने और उनके ऑपरेशनल मॉडल में बदलाव का खतरा मंडरा रहा है।

भारतीय निवेशकों के लिए, यह घटना डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए विकसित हो रहे रेगुलेटरी माहौल की याद दिलाती है। टिकटॉक भारत में पहले से ही डेटा प्राइवेसी और राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के चलते 2020 से बैन है। अमेरिका में मौजूदा डेवलपमेंट दिखाते हैं कि जिन बाजारों में ऐसे प्लेटफॉर्म काम करते हैं, वहां भी उन्हें महत्वपूर्ण राजनीतिक और कानूनी दबाव का सामना करना पड़ता है।

यह स्थिति बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों से जुड़े गवर्नेंस जोखिमों को उजागर करती है। जब डेटा एकत्र करने जैसे ऑपरेशनल फैसलों के लिए सेफ्टी फीचर्स को डिसेबल करने जैसी चीजों को यूजर प्रोटेक्शन पर प्राथमिकता दी जाती है, तो इससे कंपनी की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान हो सकता है और रेगुलेटरी हस्तक्षेप हो सकता है। अन्य टेक प्लेटफॉर्म के निवेशकों को भी रेगुलेटरी जांच के ऐसे ही पैटर्न पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि ये मार्केट वैल्यूएशन और ऑपरेशनल फ्रीडम को प्रभावित कर सकते हैं।

आगे की तत्काल कार्रवाई 1 सितंबर की समय सीमा है, जब तक टिकटॉक को विस्तृत जवाब देना होगा। सीनेटर विशेष रूप से उन सभी एल्गोरिथम एक्सपेरिमेंट्स की पूरी सूची मांग रहे हैं, जिन्होंने अमेरिका में सेफ्टी प्रोटोकॉल में देरी की या उन्हें निलंबित कर दिया, यह कदम कंपनी की आंतरिक डेटा प्रैक्टिसेज के बारे में और अधिक जानकारी सामने ला सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.