अमेरिकी अधिकारियों ने बीजिंग स्थित Integrity Technology Group के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके **7** इंटरनेट डोमेन जब्त कर लिए हैं। कंपनी पर साइबर जासूसी में शामिल होने और वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे (critical infrastructure) को निशाना बनाने का आरोप है।
जासूसी का बड़ा खेल
अमेरिकी न्याय विभाग और FBI ने बीजिंग की साइबर सिक्योरिटी फर्म Integrity Technology Group के खिलाफ यह सख्त कदम उठाया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ये डोमेन 'Microscan' और 'FishHub' नाम के टूल्स का आधार थे। इन टूल्स का इस्तेमाल नेटवर्क में सेंधमारी करने और सरकारी, पावर और ट्रांसपोर्टेशन जैसे अहम सेक्टरों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा था।
यह कार्रवाई अमेरिकी सरकार द्वारा हैकिंग ग्रुप 'Flax Typhoon' के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम का हिस्सा है। साल 2024 में भी प्रशासन ने इसी फर्म से जुड़े एक बॉटनेट का भंडाफोड़ किया था, जिसमें 2,50,000 डिवाइसेज प्रभावित पाई गई थीं।
प्रतिबंधों का दबाव
अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने जनवरी 2025 में ही Integrity Technology Group को SDN (Specially Designated Nationals) सूची में डाल दिया था। इस प्रतिबंध के कारण कोई भी अमेरिकी व्यक्ति या कंपनी इसके साथ बिजनेस नहीं कर सकती। हालांकि, कंपनी ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है और दावा किया है कि अमेरिका में उनका कोई भी ऑफिस या एसेट नहीं है, जिससे वे स्थानीय जब्ती की कार्रवाई से खुद को बचा हुआ मान रहे हैं।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या है संकेत?
साइबर सिक्योरिटी सेक्टर पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए यह एक बड़ी चेतावनी है। बढ़ते भू-राजनीतिक (geopolitical) तनाव और पश्चिमी देशों द्वारा क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा पर जोर देने के कारण, ऐसी कंपनियों की व्यावसायिक स्थिरता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। भविष्य में अन्य देशों के भी इसी तरह के सख्त नियम लागू करने की संभावना है, जिससे इस इंडस्ट्री में काम करना और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
