शुक्रवार को अमेरिकी इंडेक्स Nasdaq में **2.8%** की गिरावट आई, जिसका सीधा असर भारतीय IT शेयरों पर दिख रहा है। जहां एक तरफ BSE Sensex तेजी दिखा रहा है, वहीं IT सेक्टर में बिकवाली का माहौल है। निवेशकों को डर है कि अमेरिकी टेक कंपनियों का भारी-भरकम AI खर्च कहीं भारतीय IT फर्मों के बजट में कटौती की वजह न बन जाए।
क्या है गिरावट की असली वजह?
अमेरिकी मार्केट के दिग्गज टेक शेयरों में हो रही उथल-पुथल का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ रहा है। शुक्रवार को Nasdaq में आई 2.8% की कमजोरी ने भारतीय IT सेक्टर की चाल बिगाड़ दी है। हालांकि, BSE Sensex में 900 से ज्यादा अंकों की तेजी है, लेकिन IT स्पेस में अभी भी सुस्ती है। Infosys, Tech Mahindra के साथ-साथ E2E Networks और ESDS Software जैसे मिड-कैप शेयरों में भी गिरावट देखी गई है।
AI का खर्च और IT कंपनियों की चिंता
बाजार में चिंता इस बात को लेकर है कि अमेरिकी टेक कंपनियां अपने कैपिटल का एलोकेशन बदल रही हैं। साल 2026 के पहले 9 महीनों में इन कंपनियों ने शेयर बायबैक में 83% की भारी कटौती की है। इसका पूरा पैसा AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च हो रहा है। निवेशकों को डर है कि अगर अमेरिकी क्लाइंट्स केवल हार्डवेयर और AI इन्फ्रा पर पैसा खर्च करेंगे, तो भारतीय कंपनियों के लिए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और सपोर्ट प्रोजेक्ट्स के ऑर्डर कम हो सकते हैं।
पिछले महीने के उलट है तस्वीर
अक्टूबर 2026 में Nifty IT इंडेक्स ने करीब 17.7% का रिटर्न दिया था, लेकिन अब यह तेजी ठंडी पड़ती दिख रही है। मार्केट अब उन कंपनियों को चुन रहा है जो सिर्फ हवाई वादे नहीं, बल्कि असल में प्रॉफिट (Earnings) ग्रोथ दिखा रही हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
आगे आने वाले क्लाइंट स्पेंडिंग के आंकड़ों और कंपनियों के क्वार्टरली रिजल्ट्स पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा। अगर अमेरिकी कंपनियां AI इंटीग्रेशन के चक्कर में अपने आईटी बजट में कटौती करती हैं, तो भारतीय सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
