अमेरिकी सांसदों ने BellTroX, CyberRoot और Sunkissed Organic Farms को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है। इन पर 'हैक-फॉर-हायर' गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। ये तीनों कंपनियां प्राइवेट हैं और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं हैं, इसलिए भारतीय निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है।
अमेरिकी सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने US डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स को पत्र लिखकर तीन भारतीय IT फर्मों—BellTroX, CyberRoot और Sunkissed Organic Farms—को 'Entity List' में शामिल करने की मांग की है। यह कदम 15 साल से चल रहे कथित 'हैक-फॉर-हायर' और जासूसी अभियान के आरोपों के बाद उठाया गया है।
क्या है Entity List का असर?
अगर ये कंपनियां इस सूची में आती हैं, तो वे अमेरिकी सॉफ्टवेयर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा तकनीकों का उपयोग नहीं कर पाएंगी। इन कंपनियों पर कानूनी विवादों में हेरफेर करने और रिपोर्टिंग को दबाने के आरोप लगे हैं।
भारतीय निवेशकों के लिए अहम जानकारी
निवेशकों को यह समझना चाहिए कि ये तीनों कंपनियां (जिसमें Sunkissed Organic Farms को पहले Appin Technology के नाम से जाना जाता था) प्राइवेट एंटिटी हैं। ये कंपनियां NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं हैं। इसलिए, इस पूरे मामले का भारतीय शेयर बाजार या बड़ी लिस्टेड IT कंपनियों के कारोबार पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
रेगुलेटरी दबाव क्यों बढ़ रहा है?
हालांकि ये कंपनियां प्राइवेट हैं, लेकिन यह घटना दिखाती है कि अमेरिका अब निजी साइबर-मर्सनरी नेटवर्क को लेकर बेहद सख्त हो गया है। पहले भी Google और Meta जैसी टेक दिग्गज कंपनियां इन फर्मों से जुड़ी हैकिंग गतिविधियों को चिन्हित कर चुकी हैं। फिलहाल, US कॉमर्स डिपार्टमेंट ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, यह केवल एक रेगुलेटरी जांच की औपचारिक मांग है।
