अमेरिकी सांसदों ने 'Ban Flock Act' पेश किया है, जिसका मकसद सरकारी एजेंसियों द्वारा ऑटोमैटिक लाइसेंस प्लेट रीडर (ALPR) तकनीक के इस्तेमाल पर रोक लगाना है। यह बिल उन स्थानीय सरकारों की फंडिंग रोकने का प्रस्ताव देता है जो इस सिस्टम का उपयोग करती हैं।
अमेरिकी संसद में बर्नी सैंडर्स समेत कई प्रभावशाली सांसदों ने 'Ban Flock Act' का प्रस्ताव रखकर सर्विलांस टेक सेक्टर में हलचल मचा दी है। इस बिल का मुख्य उद्देश्य संघीय एजेंसियों को ALPR सिस्टम का इस्तेमाल करने और इनके डेटा तक पहुंच से रोकना है। यह कदम सीधे तौर पर Flock Safety जैसी निजी कंपनियों के बिजनेस मॉडल को चुनौती देता है, जो कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ मिलकर काम करती हैं।
सरकारी फंडिंग पर संकट का खतरा
इस बिल का सबसे बड़ा दांव 'फेडरल मनी' पर है। यदि यह कानून पास होता है, तो जो राज्य और स्थानीय सरकारें इस तकनीक का इस्तेमाल जारी रखेंगी, उन्हें डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस और डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी से मिलने वाली ग्रांट में भारी कटौती या पूर्ण प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है। चूंकि Flock Safety की कमाई का एक बड़ा हिस्सा इन्हीं म्युनिसिपल कॉन्ट्रैक्ट्स पर टिका है, इसलिए यह कंपनी के भविष्य के लिए एक बड़ा फाइनेंशियल रिस्क है।
प्राइवेट सेक्टर पर असर और वैल्यूएशन का रिस्क
Flock Safety एक प्राइवेट कंपनी है और इसकी वैल्यूएशन करीब $8 बिलियन आंकी गई है। हालांकि यह शेयर बाजार (NSE/BSE) पर लिस्टेड नहीं है, लेकिन यह मामला स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ी सीख है। कंपनी ने अब तक $1 बिलियन से ज्यादा की फंडिंग जुटाई है। अब डेटा प्राइवेसी को लेकर बढ़ती सख्ती और सरकारी नीति में बदलाव के कारण इसके वैल्युएशन पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।
कंपनी ने पहले ही आलोचनाओं के बाद अपने डेटा रिटेंशन नियमों में बदलाव किया है, लेकिन राजनीतिक स्तर पर बढ़ती जांच ने साबित कर दिया है कि सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर आधारित बिजनेस मॉडल हमेशा नीतिगत जोखिमों के प्रति संवेदनशील रहते हैं।
