अमेरिका की क्वांटम रेस में बड़ी चाल
अमेरिकी सरकार क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अपनी लीडरशिप पक्की करने के लिए $2 अरब से ज्यादा का निवेश कर रही है। यह पैसा 9 चुनिंदा क्वांटम कंप्यूटिंग कंपनियों को ग्रांट के तौर पर दिया जाएगा। खास बात यह है कि सरकार इन कंपनियों में इक्विटी हिस्सेदारी (equity stakes) भी लेगी। इस बड़ी रकम का एक हिस्सा, यानी $1 अरब, IBM की नई वेंचर Anderon को मिलेगा। Anderon अमेरिका की पहली ऐसी फैसिलिटी बनाएगी जो क्वांटम चिप्स का निर्माण करेगी। CHIPS and Science Act से मिले इस फंड का मुख्य उद्देश्य अमेरिका में क्वांटम तकनीक के विकास को तेजी देना और चीन के बढ़ते प्रभाव को चुनौती देना है।
क्वांटम चिप्स का हब बनेगा Anderon
IBM की Anderon, जो न्यूयॉर्क के अल्बानी में स्थित है, 300-मिमी क्वांटम वेफर फाउंड्री का संचालन करेगी। यह सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट वेफर्स (superconducting qubit wafers) और संबंधित इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करेगी। वहीं, GlobalFoundries को $375 मिलियन मिलेंगे। इस फंड का इस्तेमाल करके वह सुपरकंडक्टिंग, ट्रैप्ड आयन (trapped ion), फोटोनिक (photonic) और सिलिकॉन स्पिन क्यूबिट्स (silicon spin qubits) जैसे विभिन्न प्रकार के क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए अपनी विनिर्माण क्षमता का विस्तार करेगी। इस तरह की फाउंड्री पर फोकस करने का मकसद क्वांटम सेक्टर के लिए जरूरी घरेलू मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है।
अन्य कंपनियों को भी बड़ा बूस्ट
फाउंड्री पहलों के अलावा, सात अन्य क्वांटम कंप्यूटिंग फर्मों को भी बड़ी फंडिंग मिलने की उम्मीद है। D-Wave, Rigetti Computing और Infleqtion जैसी कंपनियों में से प्रत्येक को लगभग $100 मिलियन मिलने की संभावना है। इसका उपयोग वे अपनी क्वांटम कंप्यूटिंग तकनीकों को आगे बढ़ाने में करेंगे। Diraq को सिलिकॉन स्पिन क्वांटम कंप्यूटिंग में तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए $38 मिलियन तक की राशि मिल सकती है। इस बड़े निवेश की घोषणा का बाजार पर भी असर दिख रहा है। प्री-मार्केट ट्रेडिंग में भाग लेने वाली कुछ कंपनियों के शेयरों में अच्छी खासी तेजी आई है। यह व्यापक निवेश रणनीति एक मजबूत घरेलू क्वांटम इकोसिस्टम बनाने और अमेरिकी रोजगार पैदा करने पर केंद्रित है।
सरकार की स्ट्रेटेजी: इक्विटी हिस्सेदारी
अमेरिकी सरकार की रणनीति सिर्फ ग्रांट देने तक सीमित नहीं है। वह इन कंपनियों में माइनॉरिटी इक्विटी हिस्सेदारी (minority equity stakes) लेकर एक अलग दृष्टिकोण अपना रही है। इस कदम से सरकार सीधे तौर पर इन कंपनियों की मालिक बन जाती है, जो एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का संकेत है। सरकार का लक्ष्य करदाताओं के निवेश पर रिटर्न हासिल करना है, साथ ही महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी विकास को प्रभावित करना भी है। इक्विटी लेने की यह रणनीति सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में सरकार के पिछले निवेशों के समान है, जो रणनीतिक उद्योगों को राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक लाभ के लिए सक्रिय रूप से आकार देने के सरकारी पैटर्न को दर्शाती है।
चुनौतियाँ और भविष्य का रास्ता
भारी सरकारी समर्थन और बाजार की रुचि के बावजूद, क्वांटम कंप्यूटिंग को अभी भी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। त्रुटि की उच्च दर (high error rates) और क्वांटम सिस्टम की नाजुक प्रकृति व्यावहारिक, फॉल्ट-टॉलरेंट क्वांटम कंप्यूटरों की दिशा में प्रगति को धीमा कर रही है। लैब-स्केल के परिणामों से विश्वसनीय, बड़े पैमाने पर एप्लिकेशन तक पहुंचना एक जटिल इंजीनियरिंग चुनौती है जिसके लिए निरंतर नवाचार की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, चीन द्वारा क्वांटम तकनीक में किया जा रहा भारी और लगातार निवेश एक मजबूत वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक चुनौती पेश करता है। क्वांटम कंप्यूटिंग एप्लिकेशन से व्यापक रूप से अपनाने और महत्वपूर्ण आर्थिक मूल्य प्राप्त करने में अभी कई साल लगेंगे, संभवतः उपभोक्ता-स्तरीय उपयोग के लिए 2029 और 2035 के बीच।
क्वांटम मार्केट का बढ़ता ग्राफ
अमेरिकी सरकार का यह बड़ा निवेश क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, जो इसे एक शोध क्षेत्र से उभरते उद्योग के रूप में स्थापित कर रहा है। Anderon और GlobalFoundries जैसी संस्थाओं के माध्यम से घरेलू विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित करने का उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना और अमेरिकी तकनीकी नेतृत्व को बढ़ावा देना है। भले ही व्यावसायिक अनुप्रयोग अभी भी विकसित हो रहे हैं, क्वांटम कंप्यूटिंग बाजार में भारी वृद्धि का अनुमान है। यह 2026 में अनुमानित $1.5 से $2 अरब से बढ़कर 2040 तक संभावित रूप से सैकड़ों अरबों तक पहुंच सकता है। आने वाले साल यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि कौन सी क्वांटम तकनीकें सफल होती हैं और यह क्षेत्र अपनी पूरी क्षमता का एहसास करने के लिए अपनी तकनीकी बाधाओं को कितनी प्रभावी ढंग से दूर करता है।
