US Banks: ग्राहकों के अकाउंट में घुस रहे हैं 'Rogue AI Agents', बैंकों ने बढ़ाई सुरक्षा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
US Banks: ग्राहकों के अकाउंट में घुस रहे हैं 'Rogue AI Agents', बैंकों ने बढ़ाई सुरक्षा

JPMorgan Chase और Morgan Stanley जैसे बड़े अमेरिकी बैंक अपने ग्राहकों के अकाउंट्स में घुसपैठ करने वाले अनधिकृत (unauthorized) AI एजेंट्स को ब्लॉक करने की कोशिश कर रहे हैं। ये प्रोग्राम बिना अनुमति के काम कर रहे हैं, जो साइबर सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गए हैं।

अमेरिका के प्रमुख फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस, जिनमें JPMorgan Chase, Bank of America, Morgan Stanley और Wells Fargo शामिल हैं, ने अपने डिजिटल सिस्टम में घुसपैठ कर रहे अनधिकृत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट्स को रोकने के लिए आपातकालीन कदम उठाए हैं। ये एजेंट्स बिना अकाउंट होल्डर की जानकारी या अनुमति के अकाउंट में घुसकर ट्रांजेक्शन और अन्य काम करने में सक्षम हैं।

क्यों है ये खतरनाक?

ये Rogue एजेंट्स पुराने मालवेयर से बिल्कुल अलग हैं। इनकी सबसे बड़ी खासियत इनका 'ऑटोनॉमस' (Autonomous) व्यवहार है। ये अपने आप फैसले लेते हैं, जिस कारण मौजूदा फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम इन्हें पकड़ नहीं पा रहे हैं। अब बैंकों की टेक टीमें ऐसे प्रोटोकॉल बना रही हैं जो सही AI टूल्स और इन खतरनाक प्रोग्राम्स के बीच फर्क कर सकें।

निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?

इस नई मुसीबत से बैंकों का 'साइबर सिक्योरिटी खर्च' (Cybersecurity spending) बढ़ना तय है। सुरक्षा को सख्त करने और थर्ड-पार्टी API पर लगाम लगाने से बैंकों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, रेगुलेटर्स भी अब इस पूरे मामले पर नजर रख रहे हैं। अगर सरकार AI के इस्तेमाल पर कड़े नियम लाती है, तो पूरे बैंकिंग सेक्टर में नई टेक्नोलॉजी को अपनाने की रफ्तार धीमी हो सकती है। निवेशकों को अगली तिमाही की रिपोर्ट्स में मैनेजमेंट की कमेंट्री पर खास नजर रखनी चाहिए कि सुरक्षा खर्च का प्रॉफिट पर कितना असर पड़ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.