US vs China AI War: Alibaba और DeepSeek पर लगे डेटा चोरी के आरोप, ग्लोबल मार्केट में बढ़ी हलचल

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AuthorAditya Rao|Published at:
US vs China AI War: Alibaba और DeepSeek पर लगे डेटा चोरी के आरोप, ग्लोबल मार्केट में बढ़ी हलचल

US सुरक्षा एजेंसियों ने Alibaba और DeepSeek समेत कई चीनी कंपनियों पर अमेरिकी AI तकनीक को अवैध रूप से कॉपी करने का आरोप लगाया है। बीजिंग ने इन दावों को खारिज किया है, जिससे ग्लोबल टेक सेक्टर में जियो-पॉलिटिकल टेंशन बढ़ गई है।

आरोपों का केंद्र: नॉलेज डिस्टिलेशन (Knowledge Distillation)

NSA, CISA और FBI की एक संयुक्त रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन की बड़ी कंपनियां 'नॉलेज डिस्टिलेशन' तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। आरोप है कि ये कंपनियां ChatGPT, Gemini और Claude जैसे एडवांस मॉडल्स का उपयोग करके अपने सिस्टम को ट्रेन कर रही हैं, जिससे वे अमेरिकी सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर रही हैं। जिन कंपनियों के नाम सामने आए हैं उनमें Alibaba, DeepSeek, Moonshot AI, MiniMax, StepFun और Z.ai शामिल हैं।

चीन का कड़ा रुख और डिप्लोमेटिक टेंशन

चीन के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे केवल एक प्रोपेगेंडा करार दिया है। बीजिंग का कहना है कि उनकी प्रगति पूरी तरह से स्वदेशी इनोवेशन का नतीजा है। यह विवाद ऐसे समय पर गहराया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच टेक्नोलॉजी लीडरशिप को लेकर बातचीत होने वाली है।

निवेशकों के लिए जोखिम (Investor Alert)

इस घटनाक्रम ने वैश्विक बाजार में हलचल मचा दी है। खास तौर पर DeepSeek, जो अपने IPO की तैयारी में है और जिसकी वैल्यूएशन करीब $71 बिलियन बताई जा रही है, पर अब रेगुलेटरी दबाव बढ़ सकता है। अगर अमेरिका इन कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाता है या उन्हें 'Entity List' में डालता है, तो इनके ग्लोबल सप्लाई चेन और कंप्यूटिंग रिसोर्सेज तक पहुंच बाधित हो सकती है।

निवेशकों को अब Google, OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों के अगले कदमों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि ये दिग्गज कंपनियां अपने API और डेटा एक्सेस पर और भी सख्त नियम लागू कर सकती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.