Moonshot पर अमेरिका का आरोप: क्या चीनी AI ने चुराई Anthropic की तकनीक?

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Moonshot पर अमेरिका का आरोप: क्या चीनी AI ने चुराई Anthropic की तकनीक?

अमेरिकी सरकार ने चीन की AI कंपनी Moonshot पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कंपनी पर आरोप है कि उसने एंथ्रोपिक (Anthropic) के Fable LLM मॉडल को गैर-कानूनी तरीके से कॉपी करके अपना Kimi K3 मॉडल तैयार किया है। हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स इस दावे की तकनीकी व्यवहार्यता पर सवाल उठा रहे हैं।

Detailed Coverage

अमेरिका का बड़ा आरोप

अमेरिकी सरकार ने चीन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी Moonshot पर बड़ा आरोप लगाया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने एंथ्रोपिक (Anthropic) के Fable लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) को चुराकर अपना Kimi K3 मॉडल बनाया है। अमेरिका के विज्ञान सलाहकार, माइकल क्रात्सियोस ने कहा कि Kimi K3 के डेवलपमेंट में अमेरिकी प्रोप्राइटरी टेक्नोलॉजी चुराने के इरादे से बड़े पैमाने पर डिस्टिलेशन (Distillation) का इस्तेमाल किया गया। यह आरोप ऐसे समय में आया है जब ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेस्सेंट ने भी चिंता जताई थी कि कुछ चीनी मॉडल अमेरिकी AI आर्किटेक्चर की झलक दिखाते हैं।

तकनीकी संदेह और इंडस्ट्री की राय

कई स्वतंत्र AI रिसर्चर्स इस दावे पर संदेह जता रहे हैं कि Kimi K3 के तेजी से हुए विकास का कारण केवल साधारण मॉडल डिस्टिलेशन है। स्नॉर्कल AI (Snorkel AI) के सह-संस्थापक ब्रैडेन हैनकॉक ने बताया कि Kimi K3, 1 जुलाई को Fable के पब्लिक रिलीज के कुछ हफ्तों बाद ही सामने आ गया था, जो कि बहुत कम समय है। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतने कम समय में इतनी हाई परफॉरमेंस हासिल करना गणितीय रूप से संभव नहीं है। एलन इंस्टीट्यूट फॉर AI (Allen Institute for AI) के नाथन लैम्बर्ट का कहना है कि जैसे-जैसे मॉडल एडवांस होते हैं, साधारण फाइन-ट्यूनिंग तरीके कम प्रभावी हो जाते हैं। इससे पता चलता है कि चीनी कंपनियां शायद ज्यादा जटिल रीइन्फोर्समेंट लर्निंग (Reinforcement Learning) तरीकों का इस्तेमाल कर रही होंगी, जिसके लिए काफी कम्प्यूटेशनल रिसोर्सेज की जरूरत होती है।

इंडस्ट्री के जानकारों का यह भी मानना है कि चीनी AI टैलेंट को कम आंकना एक बड़ी गलती हो सकती है। Moonshot की फाउंडिंग टीम में ऐसे रिसर्चर शामिल हैं जिनके पास बड़ी अकादमिक योग्यताएं हैं। कुछ एनालिस्ट्स का कहना है कि चीन का इस सेक्टर में विकास अब केवल पश्चिमी मॉडलों की नकल करने के बजाय, स्वदेशी इनोवेशन से प्रेरित हो रहा है। डिस्टिलेशन खुद AI इंडस्ट्री में एक आम प्रैक्टिस है, जिसका इस्तेमाल सिंथेटिक ट्रेनिंग डेटा बनाने के लिए भी किया जाता है। इस वजह से यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि क्या यह वैध मॉडल ट्रेनिंग है या इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी की चोरी।

हार्डवेयर पर प्रतिबंध और ब्लैक मार्केट का खतरा

सॉफ्टवेयर के अलावा, अमेरिका का आरोप है कि Moonshot ने थाईलैंड स्थित सर्वर के जरिए प्रतिबंधित Nvidia Grace Blackwell 300 चिप्स तक पहुंच बनाई। अमेरिका चीन में हाई-एंड सेमीकंडक्टर के इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त एक्सपोर्ट कंट्रोल लागू करता है, ताकि उनका सैन्य या एडवांस्ड AI एप्लीकेशन में उपयोग न हो सके। इन प्रतिबंधों को बायपास करने वाले हार्डवेयर ब्लैक मार्केट का उदय अमेरिकी पॉलिसीमेकर्स के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। रिसर्चर अब डेटा सेंटर्स पर कड़ी निगरानी की मांग कर रहे हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि प्रोवाइडर्स को एडवांस्ड कंप्यूटिंग हार्डवेयर के अंतिम उपयोगकर्ताओं और उसके इस्तेमाल के उद्देश्य को वेरिफाई करना होगा।

Moonshot पर पहले भी ऐसे आरोप लग चुके हैं। इसी साल की शुरुआत में, एंथ्रोपिक ने आरोप लगाया था कि Moonshot और DeepSeek और MiniMax जैसी अन्य कंपनियों ने उनके मॉडलों से व्यवस्थित रूप से डेटा निकाला है। जैसे-जैसे ग्लोबल AI रेस तेज हो रही है, टेक्नोलॉजी सेक्टर के निवेशकों और हितधारकों को यह देखना जारी रखना चाहिए कि ये भू-राजनीतिक विवाद क्रॉस-बॉर्डर रिसर्च सहयोग, हाई-एंड चिप्स की उपलब्धता और AI सप्लाई चेन में नए ट्रेड प्रतिबंधों की संभावना को कैसे प्रभावित करते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.