Amazon और Microsoft पर UK का एक्शन: क्लाउड बिजनेस के 'वॉल-गार्डन' मॉडल पर संकट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Amazon और Microsoft पर UK का एक्शन: क्लाउड बिजनेस के 'वॉल-गार्डन' मॉडल पर संकट

UK के कॉम्पिटिशन रेगुलेटर ने Amazon Web Services और Microsoft को कड़ी चेतावनी दी है। क्लाउड स्विचिंग में आने वाली दिक्कतों की जांच से इन दिग्गजों के बिजनेस मॉडल पर असर पड़ सकता है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।

UK की Competition and Markets Authority (CMA) ने क्लाउड कंप्यूटिंग सेक्टर में एकाधिकार की चिंताओं को लेकर सख्ती दिखाई है। रेगुलेटर का कहना है कि ये कंपनियां ऐसे तौर-तरीके अपना रही हैं, जिससे क्लाइंट्स के लिए एक क्लाउड सर्विस से दूसरी सर्विस पर जाना या एक साथ कई वेंडर्स की सेवाएं लेना काफी मुश्किल हो रहा है। इसे अक्सर 'वॉल-गार्डन' (walled gardens) कहा जाता है, जो ग्राहकों को एक ही टेक इकोसिस्टम में फंसा कर रखता है।

ग्राहकों के लिए क्या है समस्या?

रेगुलेटर का मुख्य मुद्दा डेटा ट्रांसफर से जुड़ा है। कंपनियों को अपना डेटा एक क्लाउड प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर ले जाने के लिए भारी खर्च और तकनीकी बाधाओं का सामना करना पड़ता है। Amazon और Microsoft जैसे दिग्गजों के लिए यह 'लॉक-इन' मैकेनिज्म अपनी प्राइसिंग पावर और कस्टमर रिटेंशन को बनाए रखने का एक प्रभावी तरीका रहा है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

निवेशकों के लिए यह खबर चिंताजनक हो सकती है क्योंकि Amazon और Microsoft का क्लाउड डिवीजन उनके मुनाफे का बड़ा जरिया है। यदि रेगुलेटर इस मामले में फॉर्मल जांच शुरू करता है, तो कंपनियों को डेटा ट्रांसफर फीस कम करनी पड़ सकती है या प्लेटफॉर्म की डिजाइन बदलनी पड़ सकती है। अगर ऐसा होता है, तो कंपनियों का ऑपरेटिंग खर्च बढ़ सकता है और मार्जिन पर सीधा दबाव देखने को मिल सकता है।

फिलहाल यह सख्ती यूके तक सीमित है, लेकिन इसका असर ग्लोबल लेवल पर पड़ सकता है। अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) में भी क्लाउड मार्केट डोमिनेंस को लेकर चर्चा चल रही है। अब देखना यह है कि ये टेक कंपनियां रेगुलेटर्स को शांत करने के लिए खुद अपनी पॉलिसी बदलती हैं या फिर एक लंबी कानूनी लड़ाई का सामना करती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.