ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म UBS ने CarTrade Tech पर 'Buy' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। फर्म का मानना है कि मौजूदा भाव से शेयर में **42%** का उछाल आ सकता है, जो कि **₹2,808.95** के हालिया बंद भाव से **₹4,000** तक जा सकता है। UBS की यह तेजी कंपनी के एसेट-लाइट बिजनेस मॉडल और OLX इंडिया प्लेटफॉर्म से मिलने वाली कमाई की अपार संभावनाओं पर आधारित है।
UBS की बुलिश राय
दुनिया की दिग्गज इन्वेस्टमेंट फर्म UBS ने CarTrade Tech के शेयरों पर अपनी कवरेज शुरू करते हुए 'Buy' रेटिंग दी है। साथ ही, ₹4,000 का टारगेट प्राइस सेट किया है, जो शेयर के हालिया क्लोजिंग प्राइस ₹2,808.95 से 42% ज्यादा है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी का एसेट-लाइट मॉडल, जिसमें कम इन्वेंटरी और कम कैपिटल की जरूरत होती है, भविष्य में बड़े प्रॉफिट मार्जिन की ओर ले जाएगा।
रेवेन्यू और मार्जिन का आउटलुक
UBS का अनुमान है कि CarTrade Tech का रेवेन्यू फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2030 के बीच 24% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा। सबसे खास बात यह है कि कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन FY26 के 33% से बढ़कर FY30 तक 47% तक पहुंच सकता है। यह FY23 में रिपोर्ट किए गए 9% मार्जिन से काफी बड़ी छलांग होगी, जो कंपनी के हाई-वैल्यू सर्विसेज और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी की ओर इशारा करता है।
OLX इंडिया का मोनेटाइजेशन
UBS की इनवेस्टमेंट थ्योरी का एक बड़ा हिस्सा OLX इंडिया के मोनेटाइजेशन पर टिका है, जिसे कंपनी ने पहले एक्वायर किया था। UBS का कहना है कि OLX इंडिया के 180 मिलियन से ज्यादा एनुअल यूनिक यूजर्स हैं, लेकिन प्रति यूजर कमाई अभी कम है। फर्म को उम्मीद है कि नए सब्सक्रिप्शन मॉडल और लॉजिस्टिक्स व फाइनेंशियल सर्विसेज को इंटीग्रेट करके कंपनी अपने विशाल यूजर बेस से ज्यादा रेवेन्यू जेनरेट कर पाएगी। 'Elite Buyer' और 'Elite Seller' जैसे प्रोग्राम्स पर नजर रखी जा रही है, जो रेकरिंग रेवेन्यू स्ट्रीम बनाने में कंपनी की सफलता के संकेत देंगे।
सेक्टर की स्थिति और कॉम्पिटिशन
CarTrade Tech भारत के तेजी से बढ़ते यूज्ड-कार मार्केट में ऑपरेट करती है, जिसके FY31 तक $68 बिलियन से $78 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। कंपनी का एसेट-लाइट मॉडल उसे फिजिकल व्हीकल इन्वेंटरी के रिस्क से बचाता है, जैसे कि तेज डेप्रिसिएशन और स्टोरेज कॉस्ट। इस मॉडल की तुलना ग्लोबल प्लेयर्स AutoTrader और Scout24 से की जा रही है, जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से हाई प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखी है।
हालांकि, भविष्य सकारात्मक दिख रहा है, लेकिन इन्वेस्टर्स को कुछ जोखिमों से भी सावधान रहना चाहिए। UBS के मुताबिक, अगर ग्रोथ उम्मीद से कमजोर रही या मार्जिन पर दबाव आया, तो शेयर ₹2,000 तक भी गिर सकता है। इसके अलावा, यूज्ड-कार सेक्टर को कंज्यूमर डिमांड और नई टेक्नोलॉजी के चलते चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ब्रोकरेज का यह भी मानना है कि जेनरेटिव AI से बिजनेस को खतरा अभी ज्यादा नहीं है, लेकिन इन्वेस्टर्स को कंपनी की लीड क्वालिफिकेशन और डीलर मैचिंग सर्विसेज पर नजर रखनी होगी। शेयरहोल्डर्स के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि कंपनी अपने पुराने प्लेटफॉर्म और इंटीग्रेटेड OLX बिजनेस में इन मोनेटाइजेशन प्लांस को कितनी अच्छी तरह लागू कर पाती है।
