Trump Mobile एक बार फिर साइबर हमलों की चपेट में आ गया है। इस साल यह कंपनी के साथ दूसरी बड़ी डेटा सुरक्षा चूक है, जिसमें **3,615** ग्राहकों का निजी डेटा हैकर्स के हाथों में जाने का दावा किया गया है।
हैकिंग का पूरा मामला
'BYOD' नामक हैकिंग ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। डेटा में ग्राहकों के नाम, घर का पता, फोन नंबर और ईमेल एड्रेस जैसे संवेदनशील विवरण शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि हैकर्स ने उन लोगों का डेटा भी चुरा लिया है जिन्होंने साइन-अप प्रक्रिया शुरू तो की थी, लेकिन इसे पूरा नहीं किया। यानी, कंपनी उन लोगों का डेटा भी स्टोर करती है जो एक्टिव ग्राहक भी नहीं हैं।
सुरक्षा में भारी चूक
यह हमला 'Liberty Mobile' के एक कर्मचारी के डिवाइस के जरिए हुआ, जो Trump Mobile का इन्फ्रास्ट्रक्चर पार्टनर है। हैकर्स ने रिमोट-एक्सेस टूल का उपयोग करके एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम तक पहुंच बनाई। यह दूसरी बार है जब कंपनी ने डेटा सुरक्षित रखने में असफलता दिखाई है; इससे पहले मई 2026 में लगभग 27,000 यूजर रिकॉर्ड्स लीक हुए थे।
कंपनी की मुसीबतें
खबरों के मुताबिक, जब कंपनी से इस सुरक्षा चूक पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने माना कि उनके पास इन खतरों से निपटने के लिए कोई समर्पित साइबर सुरक्षा टीम (Cybersecurity Team) नहीं है। यह खुलासा कंपनी के गवर्नेंस पर बड़े सवाल खड़े करता है। 'T1' स्मार्टफोन की डिलीवरी में देरी और खराब सर्विस के बाद, अब लगातार हो रहे ये डेटा लीक कंपनी की साख पर बट्टा लगा रहे हैं। ग्राहकों के लिए अब फिशिंग (Phishing) और आइडेंटिटी थेफ्ट (Identity Theft) का खतरा काफी बढ़ गया है।
