Truecaller ने भारत में एक नया वेब-आधारित 'Scam Checker' लॉन्च किया है। इसके जरिए यूजर अब किसी भी लिंक या फोन नंबर को ऐप डाउनलोड किए बिना सीधे वेब ब्राउज़र पर वेरीफाई कर सकेंगे।
बिना लॉगिन के काम करेगा यह टूल
Truecaller का यह नया कदम यूजर्स को बड़ी राहत देने वाला है। अब आपको किसी संदिग्ध नंबर या लिंक को चेक करने के लिए ऐप इंस्टॉल करने या रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं होगी। कंपनी अपने मौजूदा रिस्क डेटाबेस और क्राउडसोर्स्ड डेटा का उपयोग करके इस सुविधा को पावर दे रही है, ताकि यूजर्स बिना किसी झंझट के तुरंत खतरे की पहचान कर सकें।
क्यों है यह बड़ा बदलाव?
फ्रॉड करने वाले अब कॉल्स के बजाय WhatsApp जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और SMS का सहारा ले रहे हैं। कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, हर महीने करीब 1.4 करोड़ वेब सर्च सिर्फ संदिग्ध नंबरों और लिंक्स की जांच के लिए किए जाते हैं। इस वेब टूल के जरिए Truecaller सीधे उन यूजर्स तक पहुंचना चाहती है जो किसी भी तरह के जालसाजी से बचने के लिए तुरंत वेरिफिकेशन चाहते हैं।
बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा और सरकारी दबाव
Truecaller के लिए भारत सबसे बड़ा मार्केट है, जहाँ इसके 35 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। हालांकि, कंपनी को Google और Apple जैसे दिग्गजों से कड़ी टक्कर मिल रही है, जो अपने ऑपरेटिंग सिस्टम में ही इन-बिल्ट स्पैम डिटेक्शन दे रहे हैं। इसके अलावा, सरकारी स्तर पर CNAP (Calling Name Presentation) और डेटा शेयरिंग को लेकर चल रहे नियमों के बीच, कंपनी के लिए अपनी अलग पहचान बनाए रखना बड़ी चुनौती है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि क्या यह वेब टूल नए यूजर्स को कंपनी के इकोसिस्टम में लाने में सफल होता है। कंपनी का फोकस अब सिर्फ एक 'कॉलर आईडी' ऐप बने रहने से हटकर एक 'सिक्योरिटी इंटेलिजेंस' प्रोवाइडर बनने की ओर है, जो स्मार्टफोन के ओएस-लेवल इंटीग्रेशन को मात दे सके।
