Apple के दौर में एक बड़ा बदलाव हुआ है। Tim Cook अब एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बन गए हैं और John Ternus ने CEO का कार्यभार संभाल लिया है। Cook अपने पीछे भारत में iPhone प्रोडक्शन का एक बड़ा साम्राज्य छोड़ गए हैं, जहाँ फिलहाल दुनिया के कुल iPhone का **25%** उत्पादन हो रहा है।
Apple Inc. ने अपनी लीडरशिप में बड़ा बदलाव किया है। 31 अगस्त 2026 से Tim Cook ने CEO के पद से इस्तीफा दे दिया है और अब वह एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका में होंगे। उनकी जगह John Ternus ने CEO के तौर पर कमान संभाल ली है। $4.7 ट्रिलियन की वैल्यू वाली Apple के लिए यह ट्रांजिशन एक ऐसे समय पर हो रहा है, जब भारत कंपनी के ग्लोबल सप्लाई चेन का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है।
भारत का बढ़ता दबदबा
Tim Cook के 15 साल के कार्यकाल में Apple ने चीन पर अपनी निर्भरता को काफी कम किया है। 2017 में भारत में पुराने मॉडल्स की असेंबली से शुरू हुआ सफर आज एक क्रिटिकल हब में बदल गया है। आज दुनिया में बनने वाले हर 4 में से 1 iPhone भारत में तैयार हो रहा है। इस सफलता में सरकारी PLI स्कीमों का बड़ा हाथ रहा है, जिसने एक मजबूत लोकल इकोसिस्टम खड़ा किया है।
अगला पड़ाव: MacBook और iPad
भारत में मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क अब Foxconn और Tata Group जैसे दिग्गज प्लेयर्स के साथ मिलकर तेजी से बढ़ रहा है। सरकार की नई ₹62,500 करोड़ की मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का मकसद अब भारत में हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का उत्पादन बढ़ाना है। कंपनी अब इस बात पर विचार कर रही है कि क्या भारत में MacBooks और iPads को भी असेंबल किया जा सकता है, जो सप्लाई चेन के जोखिम को कम करने की रणनीति का हिस्सा है।
नए CEO के सामने चुनौतियां
नए CEO John Ternus के लिए राह आसान नहीं होगी। उन्हें स्थानीय सप्लायर बेस को चीन की एफिशिएंसी और स्पीड के बराबर लाने की चुनौती का सामना करना होगा। साथ ही, कुछ चुनिंदा पार्टनर्स पर निर्भरता का जोखिम और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव भी कंपनी के मुनाफे और कॉस्ट-एफिशिएंसी पर असर डाल सकते हैं। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि नई लीडरशिप इन लॉजिस्टिक चुनौतियों को कैसे मैनेज करती है और भारत में मैन्युफैक्चरिंग का दायरा कितना बड़ा हो पाता है।
