TikTok ने सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड और फिलीपींस में अपना डेडिकेटेड 'TikTok Shop' ऐप लॉन्च कर दिया है। यह कदम Amazon और Temu जैसी दिग्गज कंपनियों को सीधी टक्कर देने के लिए उठाया गया है।
नई रिटेल रणनीति की शुरुआत
TikTok ने 5 नवंबर, 2026 से अपने ई-कॉमर्स बिजनेस को सोशल-वीडियो फीड से पूरी तरह अलग कर लिया है। अब कंपनी एक स्टैंडअलोन 'TikTok Shop' एप्लिकेशन के जरिए सीधे रिटेलिंग के मैदान में उतर चुकी है। इस ऐप में पर्सनलाइज्ड प्रोडक्ट फीड, लाइव-स्ट्रीम शॉपिंग और इन-ऐप चेकआउट जैसे एडवांस फीचर्स दिए गए हैं, जो इसे एक फुल-स्केल शॉपिंग इकोसिस्टम बनाते हैं।
ग्लोबल दिग्गजों को सीधी टक्कर
अब तक TikTok अपनी एल्गोरिदम के जरिए वीडियो के बीच में प्रोडक्ट्स दिखाता था, लेकिन अब यह सीधे Amazon और Temu जैसे ई-कॉमर्स दिग्गजों के लिए खतरा बन गया है। नए ग्राहकों को जोड़ने के लिए कंपनी आक्रामक डिस्काउंट और फ्री शिपिंग जैसे लुभावने ऑफर दे रही है।
निवेशकों के लिए जरूरी सीख
भारतीय निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि TikTok की पैरेंट कंपनी ByteDance एक प्राइवेट कंपनी है, इसलिए इसके शेयर NSE या BSE पर उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, ई-कॉमर्स में इस बदलाव का असर लिस्टेड कंपनियों पर पड़ सकता है, क्योंकि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स अब सीधे ट्रांजैक्शनल ट्रैफिक को अपनी तरफ खींच रहे हैं।
राह आसान नहीं, चुनौतियां हैं बड़ी
कंपनी के लिए यह सफर आसान नहीं होगा। डेटा प्राइवेसी, सेलर वेरिफिकेशन और लॉजिस्टिक्स के मोर्चे पर TikTok को भारी रेगुलेटरी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, एक कंटेंट प्लेटफॉर्म से हटकर पूर्ण ई-कॉमर्स इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना कंपनी के ऑपरेशनल खर्च को काफी बढ़ा देता है। मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी Temu जैसे कम कीमत वाले प्लेटफॉर्म्स के बीच अपनी क्वालिटी और भरोसे को बरकरार रख पाएगी।
