TikTok की पैरेंट कंपनी ByteDance अपनी मैसेजिंग ऐप में पीयर-टू-पीयर (P2P) पेमेंट फीचर लाने की तैयारी कर रही है। ऐप के अंदर कोड में मिले संकेत बताते हैं कि भविष्य में यूज़र्स पैसे भेज और पा सकेंगे।
TikTok का बड़ा कदम: अब मैसेजिंग में ही होगी पैसों की लेन-देन!
TikTok की पेरेंट कंपनी ByteDance, अपनी मैसेजिंग ऐप में पीयर-टू-पीयर (P2P) पेमेंट की सुविधा जोड़ने पर विचार कर रही है। अमेरिकी वर्जन के ऐप में मिले कोड के संकेत देते हैं कि जल्द ही यूज़र्स 'टैप टू एक्सेप्ट' फीचर के ज़रिए एक-दूसरे को पैसे भेज और पा सकेंगे, ठीक वैसे ही जैसे Venmo जैसे पेमेंट ऐप्स काम करते हैं।
TikTok Pay का होगा इस्तेमाल
इस नए फीचर को 'TikTok Pay' के साथ इंटीग्रेट करने की योजना है। यह वही फाइनेंशियल सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर है जो दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों जैसे वियतनाम, मलेशिया और थाईलैंड में TikTok Shop के लेन-देन के लिए इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि यह फीचर अभी शुरुआती दौर में है और इसका कोई एक्टिव टेस्टिंग नहीं चल रही है। इसलिए, इसके लॉन्च को लेकर कोई ऑफिशियल टाइमलाइन नहीं है।
'एवरीथिंग ऐप' बनने की राह पर TikTok
यह कदम ByteDance की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत TikTok को सिर्फ एक शॉर्ट-फॉर्म वीडियो प्लेटफॉर्म से आगे बढ़कर एक 'एवरीथिंग ऐप' (सब कुछ एक जगह) में बदलना है। कंपनी पिछले कुछ सालों से ई-कॉमर्स, लोकल मैपिंग, होटल बुकिंग और गेमिंग जैसे फीचर्स जोड़कर अपने इकोसिस्टम का विस्तार कर रही है। हाल ही में, ब्राजील में फिनटेक ऑथराइजेशन हासिल करने की भी खबरें आई थीं, ताकि वह लोन और पेमेंट की सुविधा दे सके।
फिनटेक बाज़ार में दस्तक
बाजार पर नज़र रखने वालों के लिए यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि यह फिनटेक की प्रतिस्पर्धी दुनिया में TikTok की संभावित एंट्री का संकेत देती है। भले ही ByteDance एक प्राइवेट कंपनी है, लेकिन उसके फैसले वैश्विक स्तर पर असर डालते हैं। इस खबर के बाद, PayPal और Western Union जैसी स्थापित पेमेंट कंपनियों के शेयरों में अस्थायी गिरावट देखी गई, जो यह दर्शाता है कि बाज़ार इस बात को लेकर कितना संवेदनशील है कि एक बड़ा सोशल मीडिया यूज़र बेस वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में कदम रख सकता है।
चुनौतियाँ भी कम नहीं
हालांकि, ग्लोबल P2P पेमेंट को हकीकत बनाना आसान नहीं होगा। इस तरह के प्रोडक्ट को हर देश में सख्त रेगुलेटरी नियमों, एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) कंट्रोल्स और डेटा प्राइवेसी कानूनों का पालन करना होगा। इसके अलावा, ByteDance पहले से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए करीब $26 बिलियन के भारी-भरकम खर्च का सामना कर रही है। ऐसे में, इतने बड़े पूंजीगत खर्च के साथ-साथ कड़े नियमों वाले वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में विस्तार करना एक बड़ी चुनौती होगी। निवेशक इस बात पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि कंपनी इस फीचर को लॉन्च करती है या नहीं और वह डिजिटल पेमेंट्स से जुड़े कड़े रेगुलेटरी माहौल से कैसे निपटती है।
