The Seattle Times और Newsday ने OpenAI और Microsoft के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि बिना अनुमति के उनकी पत्रकारिता का इस्तेमाल AI मॉडल्स को ट्रेन करने में किया गया है।
न्यूज इंडस्ट्री और टेक दिग्गजों के बीच कानूनी लड़ाई और तेज हो गई है। The Seattle Times और Newsday ने न्यूयॉर्क की कोर्ट में OpenAI और Microsoft के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इन प्रकाशकों का आरोप है कि टेक कंपनियों ने बिना अनुमति या मुआवजे के उनकी वेबसाइटों का डेटा स्क्रैप किया, जिसमें कई बार पेवॉल (Paywall) को भी बायपास किया गया।\n\n### केस का आधार क्या है?\n\nअखबारों का दावा है कि ये AI मॉडल्स न केवल उनकी रिपोर्टिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं, बल्कि कई मामलों में उसे ज्यों का त्यों (Verbatim) पेश भी कर रहे हैं। प्रकाशकों ने हर्जाने की मांग के साथ-साथ यह भी गुहार लगाई है कि जिन डेटासेट्स को उनके कंटेंट से बनाया गया है, उन्हें नष्ट किया जाए।\n\n### पार्टनर्स से बने दुश्मन\n\nखास बात यह है कि कभी ये कंपनियां आपस में जुड़ी हुई थीं। साल 2024 में OpenAI और Microsoft ने इन मीडिया ग्रुप्स के साथ मिलकर $1 करोड़ का AI फेलोशिप प्रोग्राम शुरू किया था। अब यही पार्टनर कानूनी दुश्मन बन चुके हैं, जो यह दिखाता है कि पब्लिशर्स अब जनरेटिव AI को अपने बिजनेस के लिए एक बड़ा खतरा मान रहे हैं।\n\n### निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?\n\nयह मामला AI कंपनियों के 'फेयर यूज' (Fair Use) तर्क की असली परीक्षा है। अगर कोर्ट का फैसला टेक कंपनियों के खिलाफ जाता है, तो पूरी इंडस्ट्री का बिजनेस मॉडल बदल सकता है।\n\n1. लाइसेंसिंग का बोझ: अगर कंपनियों को डेटा के लिए पैसे देने पड़े, तो उनकी लागत काफी बढ़ सकती है।\n2. मॉडल का विनाश: यदि कोर्ट ने ट्रेनिंग डेटा हटाने का आदेश दिया, तो मौजूदा AI मॉडल्स को बड़ी तकनीकी और वित्तीय चोट पहुंच सकती है।\n\nनिवेशकों को इस कानूनी लड़ाई पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इसका असर AI कंपनियों के आने वाले भविष्य के मुनाफे (Profit Margins) और उनकी सस्टेनेबिलिटी पर पड़ सकता है।
