सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग फर्म Tessolve अगले चार सालों में अपना सालाना रेवेन्यू $50 करोड़ तक ले जाने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी अमेरिका और भारत में दो कंपनियों को खरीदने की योजना बना रही है।
रेवेन्यू और AI क्षमता का विस्तार
कंपनी ने अपनी ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 में Tessolve का रेवेन्यू ₹1,526 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹1,157 करोड़ के मुकाबले काफी ज्यादा है। मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए ₹2,000 करोड़ से ज्यादा का लक्ष्य रखा है। कंपनी का 25% से अधिक रेवेन्यू अब AI चिप और डेटा सेंटर से आ रहा है।
अधिग्रहण की रणनीति
Tessolve का फोकस सिर्फ रेवेन्यू बढ़ाना नहीं बल्कि अपनी तकनीकी क्षमताएं मजबूत करना है। नवंबर 2024 में कंपनी ने जर्मनी की Dream Chip Technologies को ₹400 करोड़ में खरीदा था, जिसके बाद वहां का रेवेन्यू दोगुना हो गया है। सितंबर 2025 में TPG द्वारा किए गए $15 करोड़ के निवेश ने कंपनी के पास नई खरीदारी और लैब सेटअप के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध करा दिया है।
निवेशकों के लिए सेक्टर का हाल
हालांकि Tessolve अभी एक प्राइवेट कंपनी है, लेकिन इसके कदम भारतीय सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग स्पेस में बढ़ती हलचल को दर्शाते हैं। Tata Elxsi और L&T Technology Services जैसी कंपनियां भी इसी तरह AI डिजाइन पर फोकस कर रही हैं। फिलहाल Tessolve के IPO को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन बाजार के जानकारों के लिए यह भारतीय चिप डिजाइन इकोसिस्टम का एक बड़ा बैरोमीटर है।
