Telangana सरकार ने डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर बड़ा रोडमैप तैयार किया है। राज्य **2029** तक **5 GW** की क्षमता हासिल करने के लिए **$30 बिलियन** का निवेश जुटाएगा, जिसमें AI-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास जोर दिया जाएगा।
Telangana ने डिजिटल इकॉनमी की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 2029 तक 5 GW डेटा सेंटर क्षमता तक पहुँचने का लक्ष्य रखा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पीछे $30 बिलियन का अनुमानित निवेश है, जो राज्य के डिजिटल इकोसिस्टम को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह बदलाव पारंपरिक स्टोरेज से हटकर हाई-डेंसिटी, AI-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर है, जो जनरेटिव AI मॉडल और भारी GPU कंप्यूटिंग जरूरतों को पूरा करेगा।
Microsoft का हैदराबाद पर दांव
इस बड़े प्रोजेक्ट के बीच, Microsoft ने हैदराबाद में अपना 'साउथ सेंट्रल क्लाउड रीजन' आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है। $20.5 बिलियन की नेशनल इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी का हिस्सा यह सुविधा 3 अवेलेबिलिटी जोन के साथ आई है। यह कदम न केवल हैदराबाद को AI ट्रांसफॉर्मेशन का केंद्र बनाएगा, बल्कि AWS और CtrlS जैसे दिग्गजों के साथ प्रतिस्पर्धा को भी मजबूती देगा।
सस्टेनेबिलिटी और टैलेंट हब
डेटा सेंटर्स की बढ़ती बिजली और पानी की खपत पर सरकार की नजर है। Microsoft ने एलिकाट्टा (Elikatta) में ग्राउंडवाटर रिचार्जिंग के जरिए 50 लाख लीटर क्षमता तैयार की है। वहीं, स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए 'इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी हैदराबाद' और 'यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी' के साथ मिलकर 600 घंटे के वोकेशनल प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं।
निवेशकों के लिए संकेत
$30 बिलियन का यह इकोसिस्टम पावर, फाइबर ऑप्टिक्स, रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन जैसे सेक्टरों में बड़ी डिमांड पैदा करेगा। राज्य में मौजूद 500 से ज्यादा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) इस डिमांड के मुख्य ड्राइवर हैं। निवेशकों के लिए अब प्रोजेक्ट्स के पूरा होने की टाइमलाइन और बिजली की उपलब्धता जैसे फैक्टर्स पर नजर रखना जरूरी होगा।
