Tejas Networks ने BSNL के 18,685 4G साइट्स के लिए TCS से ₹1,537 करोड़ का बड़ा ऑर्डर हासिल किया है। यह कंपनी की स्वदेशी टेलीकॉम रोलआउट में अहम भूमिका को मजबूत करता है, हालांकि निवेशकों की नजर कंपनी के बढ़ते कर्ज और मुनाफे पर टिकी है।
बड़े ऑर्डर के मायने और रणनीति
यह प्रोजेक्ट BSNL के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की सरकारी कोशिशों में एक मील का पत्थर है। Tejas Networks इस डील के तहत रेडियो एक्सेस नेटवर्क (RAN) इक्विपमेंट, एक्सेसरीज और इंस्टालेशन की सर्विस देगी। TCS के साथ यह साझेदारी कंपनी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि BSNL अगले पांच वर्षों में करीब ₹77,000 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर करने की योजना बना रही है, जिससे भविष्य में और भी बड़े ऑर्डर्स मिलने की संभावना है।
फाइनेंशियल सेहत और चुनौतियां
ऑर्डर बुक के विस्तार के बावजूद कंपनी का फाइनेंशियल प्रदर्शन मिला-जुला है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर दोगुना होकर ₹402 करोड़ पर पहुंच गया, लेकिन इसके साथ ही कंपनी को ₹202 करोड़ का नेट लॉस भी हुआ है। निवेशक इन घाटों को लेकर चिंतित हैं, जो मुख्य रूप से भारी रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) खर्चों के कारण हो रहे हैं। इसके अलावा, कंपनी पर ₹4,277 करोड़ का नेट डेट (कर्ज) भी है, जो चिंता का विषय है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में पेमेंट मिलने का चक्र लंबा होता है, जिससे वर्किंग कैपिटल पर दबाव बढ़ता है। निवेशकों के लिए अब यह देखना जरूरी होगा कि कंपनी अपनी बढ़ती कमाई को मुनाफे में कैसे बदलती है। इन 18,685 साइट्स पर काम की रफ्तार और कर्ज प्रबंधन कंपनी के शेयर प्राइस के लिए सबसे अहम 'ट्रिगर' साबित हो सकते हैं।
