Tech Mahindra ने दमदार नतीजों के बाद Campus Hiring फिर से शुरू करने का ऐलान किया है। जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट **31.6%** बढ़कर **₹1,486 करोड़** रहा। अब निवेशक इस पर नजर रखेंगे कि कंपनी नई नियुक्तियों और AI के इस्तेमाल से प्रोडक्टिविटी को कैसे बढ़ाती है।
Campus Hiring की हुई वापसी
Tech Mahindra ने कैंपस हायरिंग फिर से शुरू कर दी है। कंपनी का कहना है कि रेवेन्यू की विजिबिलिटी (Revenue Visibility) बेहतर हुई है, जिसके चलते यह फैसला लिया गया है। CEO मोहित जोशी ने कंपनी की तिमाही नतीजों की घोषणा के दौरान बताया कि यह एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि पहले अनिश्चित मांग के कारण हायरिंग पर रोक लगा दी गई थी। यह कदम कंपनी के लिए नई प्रतिभाओं को लाने और AI के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है।
शानदार रहे जून तिमाही के नतीजे
जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही में Tech Mahindra ने ₹1,486 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 31.6% ज्यादा है। कंपनी का रेवेन्यू 17.6% बढ़कर ₹15,711 करोड़ रहा। एक और अच्छी खबर यह है कि EBIT मार्जिन में 60 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ है और यह 14.4% पर पहुंच गया है। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2027 के अंत तक 15% मार्जिन हासिल करना है।
वर्कफोर्स और AI का मेल
कंपनी के कुल कर्मचारी, जिसमें BPS और सेल्स शामिल हैं, अब 1.46 लाख हैं, जो पिछली तिमाही से 863 कम हैं। यह लगातार तीसरी तिमाही है जब कर्मचारियों की संख्या में कमी आई है। जहां कंपनी कुछ क्षेत्रों में कर्मचारियों की छंटनी कर रही है, वहीं कैंपस हायरिंग फिर से शुरू करने का मतलब है कि वे भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए नई प्रतिभाओं को लाना चाहते हैं। CEO मोहित जोशी ने कहा कि कंपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए AI का उपयोग कर रही है, न कि बड़े पैमाने पर लोगों को निकालने के लिए।
बड़े डील्स और भविष्य की उम्मीदें
Tech Mahindra लगातार बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स जीतने में सफल रही है। कंपनी ने लगातार तीसरी तिमाही में $1 बिलियन से अधिक का टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (Total Contract Value) दर्ज किया है। इस तिमाही में नए डील्स $1.1 बिलियन रहे, जो पिछले साल की तुलना में 33.3% ज्यादा है। कंपनी ने बड़े क्लाइंट्स के साथ भी अपने कारोबार का विस्तार किया है, जिसमें $10 मिलियन ब्रैकेट में 3 नए और $50 मिलियन प्लस कैटेगरी में 4 नए अकाउंट शामिल हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर अर्थव्यवस्था में बड़ी गिरावट नहीं आती है, तो कंपनी अपने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लक्ष्यों को हासिल करने की राह पर है।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी इन नए कॉन्ट्रैक्ट्स को कैसे पूरा करती है और कैंपस हायरिंग की लागत को कैसे मैनेज करती है। AI से मिलने वाली प्रोडक्टिविटी का कंपनी के मार्जिन पर क्या असर पड़ेगा, यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा।
