Tech Mahindra ने मार्च तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) पिछले साल के मुकाबले **16%** बढ़कर **₹1,354 करोड़** रहा, जबकि रेवेन्यू (Revenue) **13%** बढ़कर **₹15,076 करोड़** तक पहुंच गया। हालांकि, इन अच्छे नतीजों के बावजूद ब्रोकरेज फर्मों की राय बंटी हुई है।
Tech Mahindra की कमाई में उछाल!
Tech Mahindra ने मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के नेट प्रॉफिट में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 16% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹1,354 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू में भी 13% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹15,076 करोड़ रहा। इन आंकड़ों से कंपनी की ग्रोथ तो साफ दिखती है, लेकिन ब्रोकरेज एनालिस्ट्स (Analysts) अभी भी इस स्टॉक के भविष्य को लेकर बंटे हुए हैं।
मार्जिन में सुधार और कर्मचारियों की संख्या
नतीजों पर अगर गहराई से नज़र डालें तो कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) में सुधार हुआ है। अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट एंड टैक्सेस (EBIT) में पिछली तिमाही की तुलना में 10.2% की बढ़त देखी गई, जो कुल ₹2,084 करोड़ रहा। EBIT मार्जिन में भी 70 बेसिस पॉइंट (0.7%) का सुधार हुआ और यह 13.8% पर पहुंच गया। कंपनी के पास कुल 147,623 कर्मचारी हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 1,108 कम हैं। IT सेगमेंट में एट्रिशन रेट (Attrition Rate) 12.1% दर्ज किया गया।
ब्रोकरेज फर्मों में क्यों है फूट?
इस स्टॉक को लेकर एनालिस्ट्स के बीच राय साफ तौर पर बंटी हुई है। Motilal Oswal ने 'Buy' रेटिंग के साथ ₹1,750 का टारगेट प्राइस दिया है। उनका मानना है कि कंपनी की FY27 की स्ट्रैटेजिक प्लानिंग (Strategic Planning) अपने अंतिम साल में है और कम्युनिकेशन बिजनेस (Communication Business) में सुधार के शुरुआती संकेत मिल रहे हैं, साथ ही एक बड़े यूरोपीय डील का भी सहारा है।
दूसरी ओर, Citi ने 'Sell' रेटिंग दी है और ₹1,275 का टारगेट रखा है। Citi का मानना है कि IT सेक्टर में मंदी छाई हुई है और Tech Mahindra का वैल्यूएशन (Valuation) बड़े पियर ग्रुप (Large-cap peers) के मुकाबले ज्यादा है। इसलिए, इस दाम को सही ठहराने के लिए कंपनी को बहुत मजबूत ग्रोथ दिखानी होगी, जो कि मौजूदा हालातों में अनिश्चित लग रहा है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में मार्जिन की यह गति बनाए रख पाती है या नहीं। साथ ही, मैनेजमेंट अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए क्या नए लक्ष्य तय करता है, यह देखना अहम होगा। कम्युनिकेशन वर्टिकल (Communication vertical) का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि इस सेगमेंट में लगातार रिकवरी (Recovery) उम्मीदों को पूरा करने के लिए जरूरी है। बाज़ार यह भी देखेगा कि IT सेक्टर के ट्रेंड्स बदलने के साथ कंपनी के वैल्यूएशन गैप में कितनी कमी आती है।
