Microsoft Hiring: अब डिग्री नहीं, स्किल का चलेगा जादू! एक ग्रेजुएट की कहानी जिसने टेक इंडस्ट्री में मचाया तहलका

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Microsoft Hiring: अब डिग्री नहीं, स्किल का चलेगा जादू! एक ग्रेजुएट की कहानी जिसने टेक इंडस्ट्री में मचाया तहलका

टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में नौकरी के नियम बदल रहे हैं! अब सिर्फ डिग्री नहीं, आपके पास कौन सी प्रैक्टिकल स्किल्स हैं, यह ज्यादा मायने रखता है। हाल ही में एक ग्रेजुएट, जिसने कम CGPA के बावजूद Microsoft जैसी बड़ी कंपनी में अच्छी-खासी सैलरी पर नौकरी पाई है, उसने इस ट्रेंड को और भी मजबूत कर दिया है।

स्किल-आधारित भर्ती का बढ़ता क्रेज

Naman Bansal, जो Jaypee Institute of Information Technology (JIIT) Noida के ग्रेजुएट हैं, ने हाल ही में Microsoft में SDE-2 के पद पर जगह बनाई है। उनकी यह सफलता इस बात का सबूत है कि टेक कंपनियां अब एकेडमिक्स से ज्यादा प्रैक्टिकल नॉलेज और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स को महत्व दे रही हैं। Naman ने MakeMyTrip और DE Shaw जैसी कंपनियों में इंटर्नशिप की और Codeforces जैसे प्लेटफॉर्म पर अपनी कोडिंग स्किल्स का लोहा मनवाया। इसी वजह से वह कैंपस प्लेसमेंट के CGPA कट-ऑफ को पार कर सीधे Microsoft में सेलेक्ट हो सके। यह 'हायर-फॉर-स्किल्स' मॉडल टेक इंडस्ट्री में तेजी से अपनी जगह बना रहा है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

यह एक मोटिवेशनल कहानी जरूर है, लेकिन निवेशकों को यह समझना चाहिए कि Microsoft जैसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी के लिए किसी एक कर्मचारी की भर्ती कोई बड़ी फाइनेंशियल खबर नहीं है। Microsoft दुनिया भर में हजारों इंजीनियर्स की भर्ती करती है। एक व्यक्ति की हायरिंग कंपनी के प्रॉफिट, स्टॉक प्राइस या किसी भी फाइनेंशियल पैरामीटर को प्रभावित नहीं करती। बड़ी टेक कंपनियां अपने कर्मचारियों का चयन टेक्निकल एबिलिटी, अनुभव और कंपनी कल्चर के फिट होने के आधार पर करती हैं। इसलिए, निवेशकों को व्यक्तिगत रिक्रूटमेंट स्टोरीज पर ध्यान देने के बजाय सेक्टर के बड़े ट्रेंड्स, जैसे कि ग्लोबल हायरिंग, वेज इन्फ्लेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग की ग्रोथ और कंपनियों की डिमांड पर नजर रखनी चाहिए।

सेक्टर की चाल और जोखिम

टेक सेक्टर हमेशा से बहुत कॉम्पिटिटिव रहा है और ग्लोबल इकोनॉमी के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होता है। स्किल-आधारित भर्ती बढ़ने के बावजूद, जॉब मार्केट साइक्लिकल है। ₹90 लाख जैसी मोटी सैलरी अक्सर खास टेक्निकल स्किल्स और उस समय बाजार की मांग पर निर्भर करती है। टेक इंडस्ट्री के लिए जोखिमों में डिजिटल सर्विसेज की मांग में कमी, स्किल्स का तेजी से बदलना और कंपनियों द्वारा कॉस्ट-कटिंग के उपाय शामिल हो सकते हैं। मार्केट को ट्रैक करने वालों के लिए कंपनी की हायरिंग गाइडेंस, एट्रिशन रेट और अर्निंग कॉल्स के दौरान मैनेजमेंट की कमेंट्री सबसे महत्वपूर्ण रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.