बड़ी टेक कंपनियां 2026 तक AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर **$725 बिलियन** खर्च करने की तैयारी में हैं, वहीं कानूनी मोर्चे पर कॉपीराइट विवाद बढ़ गए हैं। दूसरी ओर, Apple ने बाजार में मंदी के बावजूद **22%** मार्केट शेयर हासिल कर अपनी मजबूती दिखाई है।
टेक्नोलॉजी सेक्टर में अब एक स्पष्ट विभाजन देखने को मिल रहा है। एक तरफ भारी-भरकम पूंजी लगाकर AI के भविष्य को संवारा जा रहा है, तो दूसरी तरफ Apple जैसी कंपनियां अपने हार्डवेयर दबदबे के दम पर मंदी को मात दे रही हैं।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च
Amazon, Microsoft, Alphabet और Meta जैसी दिग्गज कंपनियां मिलकर 2026 में $700 बिलियन से $725 बिलियन तक का निवेश डेटा सेंटर्स और सेमीकंडक्टर चिप्स में करने वाली हैं। Applied Materials ने भी $5 बिलियन के 'EPIC' सेंटर के जरिए इस रेस को तेज किया है। हालांकि, निवेशकों के मन में यह सवाल बड़ा है कि क्या बढ़ती ब्याज दरों के बीच यह भारी-भरकम निवेश मुनाफा कमा पाएगा या नहीं।
Apple की बाजार में पकड़
जहां पूरी दुनिया के स्मार्टफोन मार्केट में 20% की गिरावट आई है, वहीं Apple ने 22% का मार्केट शेयर अपने नाम किया है। यह साबित करता है कि प्रीमियम उत्पादों की मांग मंदी के दौर में भी बनी रहती है।
कॉपीराइट का कानूनी 'तूफान'
AI कंपनियों के लिए अब एक नया जोखिम कानूनी मुकदमों के रूप में सामने आया है। 8 अक्टूबर, 2026 को USA Today और उसके 19 सहयोगियों ने OpenAI पर $250 मिलियन से अधिक का मुकदमा ठोका है। उनका आरोप है कि बिना अनुमति के उनके कंटेंट का इस्तेमाल AI ट्रेनिंग के लिए किया गया। यदि कोर्ट का फैसला प्रकाशकों के पक्ष में आता है, तो AI कंपनियों के लिए भविष्य में भारी पेनल्टी या लाइसेंसिंग फीस का बोझ बढ़ सकता है, जो उनके प्रॉफिट मार्जिन को बुरी तरह प्रभावित करेगा।
