AI की डिमांड और Dell का कमाल
बाज़ार की तेजी की सबसे बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता दबदबा है, और Dell Technologies इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरी है। कंपनी के शेयर में 32.8% का जबरदस्त उछाल आया, क्योंकि AI सर्वर की बिक्री में 88% का इजाफा हुआ और AI सर्वर की बिक्री 757% बढ़ गई। इस उछाल ने आर्थिक मंदी की चिंताओं को कुछ हद तक कम कर दिया। Dell का मौजूदा P/E रेश्यो 48.27x है, जो इसके 5 साल के औसत 17.8x से काफी ज्यादा है। यह दिखाता है कि निवेशक भविष्य की ग्रोथ को लेकर कितने उत्साहित हैं।
महंगाई का बढ़ता बोझ
बाज़ार की इस खुशी के बीच, महंगाई एक बड़ी चिंता बनी हुई है। अप्रैल में महंगाई दर 3.8% पर पहुंच गई, जो कि मई 2023 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। इसका मुख्य कारण मध्य-पूर्व में जारी तनाव के चलते एनर्जी की कीमतों में आया उछाल है। इस महंगाई के चलते फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) ब्याज दरों को ऊंचा रखने पर विचार कर रहा है। पहले तिमाही में GDP ग्रोथ 1.6% रही, जो AI-संचालित टेक सेक्टर और बाकी सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था के बीच बढ़ती खाई को दर्शाता है।
रिटेल सेक्टर पर दबाव
रिकॉर्ड ऊंचाईयों के बावजूद, बाज़ार की सेहत को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, खासकर कंज्यूमर सेक्टर में। Gap और American Eagle Outfitters जैसी कंपनियों के शेयरों में डबल डिजिट में गिरावट देखी गई। इन कंपनियों ने फैशन से जुड़ी गलतियों और कमजोर भविष्य के अनुमानों का हवाला दिया। हालांकि कंपनियां अभी भी कंज्यूमर के मजबूत रहने की बात कर रही हैं, लेकिन टेक सेक्टर के शानदार प्रदर्शन और रिटेल सेक्टर की सुस्ती के बीच एक बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
नई पॉलिसी का असर?
इसके अलावा, अमेरिका और मेक्सिको के बीच USMCA समझौते में बदलाव का प्रस्ताव भी सप्लाई चेन को लेकर अनिश्चितता बढ़ा रहा है। इस नए प्रस्ताव के तहत 50% ऑटो कंपोनेंट्स अमेरिका में ही बनने की बात कही गई है। General Motors और Stellantis जैसी कंपनियों ने चिंता जताई है कि इससे प्रोडक्शन में देरी और लागत बढ़ सकती है।
आगे क्या?
बाज़ार के जानकारों का मानना है कि इस तेजी का टिकाऊपन अभी भी संदेह के घेरे में है। अगर कुछ चुनिंदा टेक कंपनियां ही इंडेक्स को आगे बढ़ाती रहीं, तो बाज़ार किसी भी आय की कमी पर गिर सकता है। निवेशकों को अमेरिका-ईरान के बीच संभावित सीजफायर (ceasefire) पर भी नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि यह एनर्जी की कीमतों और महंगाई पर सीधा असर डाल सकता है।
