टेक्नोलॉजी सेक्टर में कॉस्ट कटिंग और AI पर बड़े निवेश के चलते सितंबर के पहले 10 दिनों में **6,300** से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की गई है। Uber और PayPal जैसी बड़ी कंपनियों के इस बड़े फैसले के बाद निवेशकों को कंपनियों के कैश फ्लो और मार्जिन पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेक्टर इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। सितंबर 2026 के पहले 10 दिनों में 6,300 से ज्यादा पदों को समाप्त कर दिया गया है। कंपनियाँ अब पुरानी हायरिंग नीतियों को छोड़कर AI और ऑटोमेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर पर अपना पैसा खर्च करने पर जोर दे रही हैं।
प्रमुख कंपनियों का बड़ा फैसला
छंटनी की इस दौड़ में Uber सबसे आगे है, जिसने अपने कुल वर्कफोर्स का 10% कम करते हुए 3,300 कॉर्पोरेट पदों को हटाने की घोषणा की है। कंपनी का पूरा ध्यान अब रोबोटैक्सी और ऑटोनॉमस व्हीकल मार्केट पर है। वहीं, पेमेंट दिग्गज PayPal ने भारत के चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद हब से 220 लोगों की छंटनी की है, जो उसके घरेलू स्टाफ का करीब 4% है।
इसके अलावा Apple और Zomato ने भी इसी दौरान लगभग 250 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। Apple अब अपनी Siri और Vision Pro टीम को री-स्ट्रक्चर कर रहा है ताकि सारा फोकस जेनरेटिव AI पर किया जा सके।
निवेशकों के लिए चेतावनी
टेक कंपनियों पर कर्ज का दबाव भी बढ़ रहा है। Oracle जैसे दिग्गज पर कुल देनदारियां लगभग $167 बिलियन तक पहुंच गई हैं, जिसके बाद S&P Global ने उनकी क्रेडिट रेटिंग को घटाकर BBB- कर दिया है। यह रेटिंग अब जंक स्टेटस से सिर्फ एक पायदान ऊपर है।
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह देखना है कि क्या छंटनी से कंपनियों का मार्जिन सुधरेगा या AI पर हो रहा भारी खर्च उनके कैश रिजर्व को खाली कर देगा। आने वाली तिमाही नतीजों (Quarterly Results) में यह साफ हो जाएगा कि ये कंपनियां अपनी बदली हुई रणनीति के साथ प्रॉफिट बढ़ाने में कितनी सफल हो पा रही हैं।
