TeamLease EdTech के CEO शांतनु रूज ने कहा है कि रेगुलेटरी नियम और AI लागू करने की भारी लागत इसकी रफ्तार को सुस्त कर रही है। वहीं, पैरेंट कंपनी के मार्जिन में गिरावट और स्टाफिंग डिमांड कम होने से निवेशक दबाव में हैं।
AI अडॉप्शन की हकीकत
शांतनु रूज के अनुसार, कंपनियां अब AI के शुरुआती उत्साह से आगे बढ़कर इसकी तैनाती की वास्तविक लागत का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन कर रही हैं। स्पष्ट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क का अभाव और बड़े पैमाने पर AI लागू करने का भारी खर्च कई फर्मों के लिए रुकावट बना हुआ है, जिससे वे अपनी रणनीतियों पर फिर से विचार कर रही हैं।
खराब नतीजों का दबाव
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के परिणाम चुनौतीपूर्ण रहे हैं। हालांकि रेवेन्यू में 6% की सालाना बढ़ोतरी के साथ यह ₹3,056 करोड़ तक पहुंच गया है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी पर भारी दबाव है। कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन पिछली तिमाही के 1.57% से घटकर 1.0% रह गया है। यह मार्जिन कंप्रेशन निवेश की बढ़ी हुई जरूरतों और जटिल ऑपरेशनल मिक्स को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए अन्य बड़े रिस्क
स्टाफिंग सेक्टर में डिमांड सुस्त है और ग्रोथ रेट मिड-सिंगल डिजिट तक सीमित रह गई है। इसके अलावा, कंपनी EPFO और कर्नाटक हाईकोर्ट जैसे कानूनी मामलों में उलझी हुई है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। HR Tech सेगमेंट में जारी ऑपरेशनल घाटा भी कंपनी की ओवरऑल परफॉर्मेंस पर असर डाल रहा है।
स्टॉक का हाल
मार्केट में सुस्ती के चलते शेयर की कीमतों में भारी अस्थिरता देखी गई है। सितंबर 2026 के मध्य तक, शेयर ₹1,236–₹1,241 के रेंज में ट्रेड कर रहे थे, जो उनके 52-वीक हाई से करीब 35% नीचे हैं। हालांकि कंपनी ने ₹238 करोड़ का शेयर बायबैक पूरा किया है, लेकिन बाजार की नजर अब इस पर है कि कंपनी स्टाफिंग डिमांड की चुनौतियों और मार्जिन में सुधार कैसे करती है।
