Tata Technologies के शेयर आज **3%** से ज़्यादा गिरे, जबकि कंपनी ने तिमाही रेवेन्यू में **33.8%** की बढ़त दर्ज की थी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि हाई वैल्यूएशन और मार्जिन पर दबाव कंपनी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
Tata Technologies का प्रदर्शन
Tata Technologies के शेयर सोमवार को 3% से ज़्यादा गिरे। कंपनी ने जून तिमाही में ₹1,664.63 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 33.8% ज़्यादा है। इसके बावजूद, मार्केट में इस स्टॉक को लेकर चिंता बनी हुई है।
नेट प्रॉफिट और मार्जिन पर दबाव
कंपनी का नेट प्रॉफिट 6.1% बढ़कर ₹180.75 करोड़ रहा। वहीं, ऑपरेटिंग EBITDA 33.6% बढ़कर ₹267.40 करोड़ रहा। लेकिन, ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन में सिर्फ़ मामूली बढ़ोतरी हुई और यह 16.1% पर रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 16.0% के करीब है। मार्जिन में उम्मीद के मुताबिक बढ़ोतरी न होने से विश्लेषकों की चिंता बढ़ गई है।
ब्रोकरेज की राय
ब्रोकरेज हाउस JPMorgan ने स्टॉक पर 'Underweight' की रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹540 रखा है। उनका कहना है कि रेवेन्यू ग्रोथ उम्मीद से ज़्यादा थी, पर प्रॉफिट मार्जिन उम्मीद से कम रहे। JPMorgan के मुताबिक, Tata Technologies का शेयर फिलहाल FY27 की कमाई के अनुमान के मुकाबले 38 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो कि काफी ज़्यादा है।
Kotak Institutional Equities ने भी 'Sell' रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस ₹500 रखा है। उनका मानना है कि ऑटोमोटिव खर्च में रिकवरी के कारण सर्विस रेवेन्यू में बढ़ोतरी आई है, जो शायद लंबे समय तक न टिके। इसके अलावा, Tata Technologies अपने इंडस्ट्री के साथियों KPIT Technologies और Tata Elxsi की तुलना में महंगे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है।
आगे क्या?
कंपनी ने FY27 के लिए डबल-डिजिट ऑर्गेनिक कॉन्स्टेंट-करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ का भरोसा जताया है। यह उम्मीद नए डील्स और मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन पर आधारित है। हालांकि, कंपनी को जर्मनी में अपने कुछ बड़े क्लाइंट्स की ओर से कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन और रीस्ट्रक्चरिंग की चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
इस साल अब तक Tata Technologies के शेयर 14% बढ़ चुके हैं, जबकि Nifty 50 इंडेक्स में 7.5% की गिरावट आई है। निवेशकों की नज़र अब इस बात पर होगी कि कंपनी रेवेन्यू की रफ़्तार बनाए रख पाती है या नहीं और ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार कर पाती है या नहीं।
