Tata Elxsi के शेयर बुधवार को 6% से ज़्यादा गिरकर ₹3,469.70 के नए 52-हफ्ते के निचले स्तर पर आ गए। जून तिमाही के नतीजों में मार्जिन में आई भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने बिकवाली की है।
मुनाफा हुआ कम, शेयर हुआ धड़ाम
Tata Elxsi के शेयर में बुधवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। शेयर 6% से ज़्यादा टूटकर ₹3,469.70 के स्तर पर आ गया, जो कि पिछले 52 हफ्तों का सबसे निचला स्तर है। यह बिकवाली कंपनी के जून तिमाही के नतीजों के बाद आई है। नतीजों में मुनाफा (Profit) उम्मीद से काफी कम रहा, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
नतीजे क्या कहते हैं?
जून 2026 तिमाही के लिए, Tata Elxsi ने ₹1,021.1 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 14.46% ज़्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट ₹170.59 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 18.17% बढ़ा है। लेकिन, पिछली तिमाही यानी मार्च 2026 की तुलना में स्थिति चिंताजनक है। इस तिमाही में रेवेन्यू में जहां 2.7% की मामूली बढ़त देखी गई, वहीं नेट प्रॉफिट में 22.58% की भारी गिरावट आई। इसी तिमाही-दर-तिमाही (Quarter-on-Quarter) प्रदर्शन में आई इस कमी ने कंपनी की मार्जिन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ब्रोकरेज हाउसेस की चिंताएं
कई ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी के कॉस्ट स्ट्रक्चर को लेकर चिंता जताई है। JP Morgan के एनालिस्ट्स के मुताबिक, पिछली तिमाही की तुलना में मार्जिन में 330 बेसिस पॉइंट की कमी आई है। इसकी वजह नए कर्मचारियों की भर्ती, डिलीवरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ा हुआ खर्च और नए प्रोजेक्ट्स को संभालने की लागत बताई जा रही है। JP Morgan ने अगले कुछ क्वार्टर्स के लिए अपने अनुमानों को 13% तक घटा दिया है।
Kotak Institutional Equities का मानना है कि लागत में हुई यह बढ़ोतरी अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी हो सकती है। डील ट्रांज़िशन कॉस्ट और शुरुआती निवेश कंपनी के बॉटम लाइन पर भारी पड़ रहे हैं। Motilal Oswal और Elara Capital जैसी फर्मों ने भी अपने आउटलुक को डाउनग्रेड किया है। इन फर्मों ने कंपनी के ट्रांसपोर्टेशन सेगमेंट में धीमी रिकवरी को भी एक कारण बताया है, जिससे भविष्य की कमाई को लेकर सतर्क रुख अपनाया जा रहा है।
आगे क्या देखना होगा?
Tata Elxsi इंजीनियरिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट (ER&D) सेक्टर में काम करती है। इस सेक्टर की कंपनियों में अक्सर मार्जिन में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, खासकर जब वे क्षमता बढ़ाती हैं या भविष्य के ऑर्डर सुरक्षित करने के लिए नई टेक्नोलॉजी में भारी निवेश करती हैं। मैनेजमेंट का कहना है कि FY27 के लिए सिंगल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन एनालिस्ट्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती प्रॉफिट मार्जिन को बचाए रखना है।
निवेशक कंपनी के ट्रांसपोर्टेशन बिजनेस की रिकवरी पर नज़र रखेंगे। साथ ही, यह देखना अहम होगा कि कंपनी अगले कुछ क्वार्टर्स में नई प्रोजेक्ट कॉस्ट को कैसे मैनेज करती है और मार्जिन में सुधार कैसे लाती है।
