Tata Electronics गुजरात के धोलेरा में **363 एकड़** में एक विशाल वेंडर पार्क तैयार कर रही है। यह कदम उनके **₹91,000 करोड़** के सेमीकंडक्टर प्लांट की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए उठाया गया है, जहां लगभग **450** सप्लायर्स को जगह दी जाएगी।
इकोसिस्टम तैयार करने की तैयारी
सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में लॉजिस्टिक्स लागत और किसी भी तरह की देरी बहुत महंगी पड़ती है। इसी जोखिम को कम करने के लिए Tata Electronics ने धोलेरा में 363 एकड़ की जगह चुनी है, जहाँ 450 घरेलू और ग्लोबल सप्लायर्स को एक ही छत के नीचे लाया जाएगा। यहाँ बिजली, पानी और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ एक पूरा क्लस्टर तैयार किया जा रहा है।
ग्लोबल पार्टनर्स के साथ तालमेल
सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी को भी मजबूत कर रही है। Tata Electronics ने वेफर फैब्रिकेशन के लिए Nexperia और जरूरी मटेरियल के लिए Fujifilm के साथ साझेदारी की है। इसके अलावा, असम के जागीरोड में एडवांस्ड पैकेजिंग के लिए Besi के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। ये सभी कदम भारत में चिप मैन्युफैक्चरिंग की पूरी वैल्यू चेन को स्थानीय स्तर पर लाने की कोशिश का हिस्सा हैं।
निवेशकों के लिए अहम बातें
सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में निवेश करना एक जटिल और लंबा सफर है। निवेशकों को आने वाले समय में प्लांट के निर्माण की गति, वेंडर पार्क के विकास और भारत सरकार के 'India Semiconductor Mission' के तहत मिलने वाली सब्सिडी के लिए कंपनी द्वारा तय माइलस्टोन्स पर नजर रखनी चाहिए।
