Tata Communications के शेयरों में आज **2%** की तेजी देखी गई, जो **₹1,792.40** के स्तर पर बंद हुए। कंपनी ने हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए Tata Tele Business Services के साथ एक साझेदारी का ऐलान किया है। लेकिन, निवेशकों की नज़रें कंपनी के **36%** तक गिरे सालाना नेट प्रॉफिट पर भी टिकी हुई हैं।
AI पार्टनरशिप ने बढ़ाई निवेशकों की उम्मीद
आज Tata Communications के शेयर 2.05% की उछाल के साथ ₹1,792.40 पर ट्रेड करते देखे गए। यह तेजी कंपनी द्वारा Tata Tele Business Services के साथ की गई नई साझेदारी के ऐलान के बाद आई है। इस पार्टनरशिप का मकसद छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों (SMBs) के लिए AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। इस कदम से कंपनी का इरादा तेजी से बढ़ते AI सर्विसेज मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करना है।
फाइनेंशियल परफॉरमेंस और प्रॉफिट की चुनौतियां
पिछले पांच सालों में कंपनी के रेवेन्यू में लगातार ग्रोथ देखने को मिली है, लेकिन हालिया नतीजों ने कुछ चिंताएं ज़रूर बढ़ाई हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 में, कंपनी का रेवेन्यू 7.33% बढ़कर ₹24,802.72 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹23,108.59 करोड़ की तुलना में ज़्यादा है। हालांकि, नेट प्रॉफिट में बड़ी गिरावट आई है। यह 36.44% घटकर ₹1,006.27 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹1,583.15 करोड़ था। नतीजतन, अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹64.44 से गिरकर ₹35.14 रह गया।
FY26 के दौरान तिमाही नतीजों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जून 2026 की तिमाही में रेवेन्यू बढ़कर ₹6,582.82 करोड़ हुआ, लेकिन नेट प्रॉफिट दिसंबर 2025 में ₹357.12 करोड़ के शिखर पर पहुंचने के बाद जून 2026 की तिमाही तक घटकर ₹125.37 करोड़ रह गया। यह दर्शाता है कि जहां कंपनी अपना टॉपलाइन बढ़ाने में सफल रही है, वहीं परिचालन लागत या अन्य वित्तीय कारणों से प्रॉफिट पर असर पड़ रहा है।
वैल्यूएशन और कैपिटल मैनेजमेंट
वैल्यूएशन के नज़रिए से देखें तो, मार्च 2026 तक कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 38.36x था, जो मार्च 2025 के 24.49x से ज़्यादा है। इसका मतलब है कि शेयर की मौजूदा कीमत, उसकी हालिया कमाई के मुकाबले महंगी है। बैलेंस शीट की बात करें तो, Tata Communications ने पिछले पांच सालों में अपने डेट-टू-इक्विटी रेश्यो को कम करने पर काम किया है, जिससे प्रॉफिट में हालिया गिरावट के बावजूद कंपनी को कुछ वित्तीय स्थिरता मिल सकती है।
शेयरहोल्डर रिटर्न की बात करें तो, कंपनी ने अप्रैल 2026 में ₹17.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया था। इसके अलावा, कंपनी ने अपने 2023 एम्प्लॉई प्लान के तहत स्टॉक ऑप्शन जारी करने की भी घोषणा की है। अब देखना यह है कि क्या नई AI-फोकस्ड पार्टनरशिप कंपनी के मार्जिन को बेहतर बनाने और आने वाली तिमाहियों में नेट प्रॉफिट को स्थिर करने में मदद कर पाती है।
