Tamil Nadu सरकार ने ग्लोबल चिप मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को आकर्षित करने के लिए 'Tamil Nadu Semiconductor Ecosystem Scheme' लॉन्च की है। यह पॉलिसी फेडरल सब्सिडी के साथ-साथ स्टेट-लेवल सपोर्ट भी देगी।
चिप मेकिंग हब बनने की होड़
Tamil Nadu सरकार का लक्ष्य राज्य को सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनाना है। इस नई स्कीम का फोकस वेफर फैब्रिकेशन (Wafer Fabrication) से लेकर असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग (OSAT) तक पूरी वैल्यू चेन को कवर करना है।
दो-स्तरीय इंसेंटिव मॉडल (Two-Tier Model)
इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत इसका दो-स्तरीय इंसेंटिव मॉडल है। जिन प्रोजेक्ट्स को पहले ही 'India Semiconductor Mission' या 'Semicon India Programme 2.0' के तहत मदद मिल चुकी है, उन्हें तमिलनाडु सरकार एडिशनल फाइनेंशियल सपोर्ट देगी। वहीं, जो प्रोजेक्ट नेशनल स्कीम में नहीं हैं, उनके लिए सरकार ने 'कस्टमाइज्ड और फ्लेक्सिबल इंसेंटिव' का ढांचा तैयार किया है ताकि हाई कैपिटल कॉस्ट के बोझ को कम किया जा सके।
इंफ्रास्ट्रक्चर का जाल
सरकार ने Kancheepuram जिले के Maduramangalam में एक डेडिकेटेड 'सेमीकंडक्टर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स पार्क' बनाने का ऐलान किया है। सेमीकंडक्टर प्लांट्स को 24/7 बिजली, पानी और विशेष लॉजिस्टिक्स की जरूरत होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह पार्क एक इकोसिस्टम तैयार करेगा।
निवेशकों के लिए जोखिम और मौके
निवेशकों को यह समझना होगा कि सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स बहुत कैपिटल-इंटेंसिव होते हैं और इनमें अरबों डॉलर का निवेश लगता है। इनका पेबैक पीरियड भी लंबा होता है। हालांकि, तमिलनाडु का यह कदम Gujarat, Telangana और Karnataka जैसे राज्यों से मिल रही कड़ी टक्कर का जवाब है। अब देखना यह होगा कि सरकार कितनी तेजी से कंपनियों के साथ MoUs साइन करती है और जमीन पर काम शुरू होता है।
