TSMC और Elon Musk के बीच टेक्सस में एक नए सेमीकंडक्टर फाउंड्री प्रोजेक्ट 'Terafab' को लेकर बातचीत शुरू हुई है। इस संभावित साझेदारी में निवेश और ओनरशिप मॉडल पर चर्चा की जा रही है, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
साझेदारी का गणित
टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी TSMC, एलन मस्क की कंपनियों यानी Tesla, SpaceX और xAI के साथ हाथ मिलाने की योजना बना रही है। इस 'Terafab' प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य AI-फोकस्ड कंप्यूटिंग पावर की बढ़ती मांग को पूरा करना है। अभी चर्चा शुरुआती दौर में है और दो मुख्य मॉडल्स पर विचार किया जा रहा है: पहला, जिसमें TSMC का पूर्ण स्वामित्व हो और मस्क की कंपनियां पूंजी लगायें, और दूसरा, जिसमें मस्क की कंपनियां मेजॉरिटी स्टेक (Majority Stake) लें और TSMC अपनी टेक्नोलॉजी के साथ ऑपरेशंस संभाले।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
इस प्रोजेक्ट में रिस्क भी कम नहीं हैं। सेमीकंडक्टर फाउंड्री बनाना एक बहुत ही कैपिटल-इंटेंसिव काम है, जिसमें कई साल लगते हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि TSMC का मौजूदा वैल्युएशन (P/E Ratio) उसके 5 साल के औसत से ऊपर चल रहा है, जिसका मतलब है कि मार्केट को कंपनी से काफी ग्रोथ की उम्मीद है। इतनी बड़ी फंडिंग और निर्माण के दौरान कंपनी को अपने प्रॉफिट मार्जिन को बचाए रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
Q3 नतीजों पर नजर
हाल ही में TSMC का शेयर 2.96% की बढ़त के साथ $472.78 पर बंद हुआ था। हालांकि, कंपनी अभी 5 अक्टूबर से 14 अक्टूबर, 2026 के बीच 'क्वाइट पीरियड' में है। निवेशक 15 अक्टूबर, 2026 को आने वाले Q3 नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जहां कंपनी अपनी फ्यूचर कैपिटल स्पेंडिंग और अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग एक्सपेंशन पर रुख साफ कर सकती है।
